
बीकानेर, 26 अगस्त। स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांव पेमासर में मंगलवार को कम्प्यूटर साक्षरता प्रशिक्षण एवं पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संभागीय आयुक्त श्री विश्राम मीणा ने कहा कि विश्वविद्यालयों द्वारा गांवों को गोद लेने से इन गांवों के विकास का नया मार्ग प्रशस्त हो रहा है। एसकेआरएयू द्वारा पेमासर में संचालित विभिन्न गतिविधियों की सराहना करते हुए संभागीय आयुक्त ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने में तकनीक का अहम योगदान है। उन्नत कृषि तकनीक व प्रौद्योगिकी हस्तांतरण से किसानों को आय सृजन के नये अवसर मिल सकेंगे।
श्री मीणा ने कहा कि कम्प्यूटर साक्षरता वर्तमान शिक्षा का अभिन्न हिस्सा है। खेती, पशुपालन, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने सहित अन्य जानकारियां कम्प्यूटर के माध्यम से घर बैठे ही प्राप्त कर सकते हैं। ग्रामीण युवा, किसान और विशेष तौर पर विद्यार्थी कम्प्यूटर सीखें और अपने जीवन में सफलता के नये सोपान हासिल करें। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में नौकरी, स्वरोजगार तथा उद्यमिता कम्प्यूटर दक्षता से ही सफल हो सकेगी।
उन्होंने गांव की बालिका सिमरन को नर्सिंग आफिसर के रूप में चयन होने पर बधाई देते हुए इसे प्रेरणादायक बताया।
संभागीय आयुक्त ने ग्रामीणों से अधिकाधिक स्थानीय वृक्ष लगाने तथा उनकी देखभाल की जिम्मेदारी लेने का भी आह्वान किया।
कुलगुरु डॉ अरुण कुमार ने कहा कि पेमासर गांव को आदर्श गांव के रूप में विकसित करने के लिए विश्वविद्यालय तथा प्रशासन द्वारा समन्वित प्रयास किए जाएंगे। गांव के लोगों तथा जनप्रतिनिधियों के साथ चर्चा कर गांव की आवश्यकताओ को सूचीबद्ध करते हुए आवश्यक संसाधन जुटाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों से संवाद कर नये प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे। कुल गुरु ने गांव के युवा किसानों को कृषि नवाचारों से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का प्रयास है कि पेमासर अन्य गांवों के लिए एक मिसाल बने।
उपनिदेशक प्रसार शिक्षा डॉ राजेश वर्मा ने स्वागत उद्बोधन दिया तथा विश्वविद्यालय द्वारा गांव में चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। निदेशक अनुसंधान डॉ विजय प्रकाश ने कम्प्यूटर प्रशिक्षण की रुपरेखा और उपयोगिता पर विस्तार से बात कही। विश्वविद्यालय के सूचना प्रबंधन एवं कम्प्यूटर अनुप्रयोग केंद्र की ओर से आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण में विद्यार्थियों तथा ग्रामीणों को कम्प्यूटर की बेसिक जानकारी तथा हैंड्स ऑन ट्रेनिंग दी गई। सरपंच तोलाराम कूकना ने कहा कि गांव के सर्वांगीण विकास के लिए विश्वविद्यालय तथा कुलगुरु द्वारा सतत् प्रयास किए हैं। महिलाओं के कौशल प्रशिक्षण, कृषि की उन्नत किस्म, तकनीक हस्तांतरण सहित कई कार्यक्रमों का लाभ ग्रामीणों को मिला है। इसके लिए ग्रामवासी विश्वविद्यालय के आभारी हैं। उन्होंने बताया कि विपरीत परिस्थितियों में भी सिमरन मेघवाल जैसी बालिकाएं सफलता प्राप्त कर गांव का नाम रोशन कर रही है। संभागीय आयुक्त ने गांव की बालिका सिमरन मेघवाल का नर्सिग आफिसर के पद हेतु चयन होने पर साफा पहनाकर सम्मान किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ वी एस आचार्य ने किया। नोडल अधिकारी डॉ वाई के सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ नीना सरीन, डॉ दाताराम सहित अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
*पंचायत परिसर में किया पौधरोपण*
संभागीय आयुक्त श्री विश्राम मीणा, कुल गुरु डॉ अरुण कुमार, सरपंच तोलाराम कूकणा ने अन्य डीन डायरेक्टर्स के साथ पंचायत भवन परिसर में पौधारोपण किया । संभागीय आयुक्त ने पौधों की नियमित उचित देखभाल करने के निर्देश दिए ।