जर्क कार्यशाला सम्पन्न,उद्यानिकी नवाचार, संरक्षित खेती, पाॅली हाउस में खीरा खेती तकनीकी पर हुई चर्चा

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बीकानेर। कृषि खरीफ क्षेत्रीय अनुसंधान एवं विस्तार सलाहकार समिति (जर्क) की दो दिवसीय कार्यशाला मंगलवार को सम्पन्न हुई। एसकेआरएयू के

कृषि अनुसंधान केन्द्र, में आयोजित कार्यशाला के दूसरे दिन उद्यानिकी नवाचार, संरक्षित खेती, पाली हाउस आदि के माध्यम से कृषि पर विस्तृत चर्चा की गई।फसल उत्पादन बढ़ाने हेतु 06 विभिन्न अनुशंसाएं की गई व 02 तकनीकों को परीक्षण हेतु ग्राह्य परीक्षण केन्द्र ( एटीसी) भेजने का निर्णय़ लिया गया। इस दौरान अतिरिक्त निदेशक कृषि विस्तार टी के जोशी, क्षेत्रीय अनुसंधान निदेशक डॉ एच एल देशवाल, अतिरिक्त निदेशक कृषि जयपुर ईश्वर लाल यादव, अनुसंधान निदेशक डॉ विजय प्रकाश व अध्यक्ष काजरी नवरत्न पंवार सहित बीकानेर, चुरू, जैसलमेर के कृषि, उधानिकी, आत्मा व विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी तथा कृषि विज्ञान केन्द्र के कृषि वैज्ञानिक उपस्थित रहे।

अनुसंधान निदेशक डॉ विजय प्रकाश ने जिले में उद्यानिकी नवाचार के तहत पाॅलीहाउस में खीरे की खेती के प्रति किसानों की रुचि को देखते हुए इस पर तकनीकी विकसित करने की बात कही। क्षेत्रीय अनुसंधान निदेशक डॉ एच एल देशवाल ने खजूर में रेड पाम विविल कीट नियंत्रण पर अपनाए जाने वाले उपायों की जानकारी दी। अतिरिक्त निदेशक कृषि विस्तार टी के जोशी ने कहा कि अनुसंधान से निकलकर सामने आई नई फसल किस्मों व रिक्मनडेशन को जोन की पैकेज ऑफ पैकि्टेसेज में सम्मिलित किया जाएगा । काजरी के अध्यक्ष डॉ नवरत्न पंवार ने विभिन्न योजनाओं पर बात रखी। अतिरिक्त निदेशक कृषि जयपुर ईश्वर लाल यादव ने भी तकनीक पक्ष पर जानकारी दी। उद्यान विभाग की ओर मुकेश गहलोत सहायक निदेशक ने प्रजन्टेशन दिया। कार्यशाला में विभिन्न कृषि व उद्यानिकी फसलों की पैकेज ऑफ प्रेक्टिसेज पर विस्तार से चर्चा की।

कृषि अनुसंधान केन्द्र के क्षेत्रीय निदेशक डॉ एच एल देशवाल ने बताया कि बैठक में कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को विभिन्न फसलों में उत्पादन बढ़ाने के लिए मूंग की उन्नत किस्में M H 1142, शिखा व तथा मूंगफली में खरपतवार प्रबंध, ग्वार एवं मोठ मे कीट नियंत्रण तथा झुलसा रोग नियंत्रण एव बाजरे में पोषक तत्त्व प्रबंधन समेत कुल 6 अनुशंसाएं की गई। साथ ही 02 तकनीकों को सत्यापित करने हेतु ग्राह्य परीक्षण केन्द्र( एटीसी) पर भेजने का निर्णय़ लिया गया। बैठक में विभिन्न वैज्ञानिकों ने खरीफ 2024 के प्रयोगो के परिणामों का प्रस्तुतीकरण दिया तथा विभिन्न नवीन तकनीकों के ऊपर गहन विचार विमर्श किया गया। इस परिचर्चा में कृषि वैज्ञानिक प्रो. अमर सिंह गोदारा, डॉ एस पी सिंह, डॉ एच एल देशवाल, डॉ पी सी गुप्ता, डॉ एम एल सोनी, डॉ बी डी एस नाथावत, डॉ भूपेंद्र सिंह व विभागीय अधिकारी संयुक्त निदेशक कृषि कैलाश चौधरी, संयुक्त निदेशक उद्यान दयाशंकर, धर्मवीर डूडी उपनिदेशक जयदीप दोगने, रेणु वर्मा, डॉ राम किशोर मेहरा, सहायक निदेशक कृषि मुकेश गहलोत, भैराराम गोदारा, राजेश गोदारा, सुभाष विश्नोई, राजूराम डोगीवाल, रूबीना परवीन, प्रदीप चौधरी, मीनाक्षी शर्मा, ममता, महेन्द्र प्रताप, अब्दुल अमीन इत्यादि ने भाग लिया। मंच संचालन डॉ. बी. डी. एस. नाथावत ने किया।

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