मिल्क टेस्टिंग लेबोरेटरी का करीब 10 करोड़ का प्रपोजल तैयार, जल्द ही राज्य सरकार को भिजवाया जाएगा

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बीकानेर। पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग मंत्री श्री जोराराम कुमावत और बीकानेर पश्चिम विधायक श्री जेठानंद व्यास ने मंगलवार को बिछवाल में डेयरी विज्ञान एवं तकनीकी महाविद्यालय के नवनिर्मित प्रशासनिक भवन का लोकार्पण किया।

इस अवसर पर राजुवास कुलपति डॉ मनोज दीक्षित, श्री चंपालाल गेदर, श्री राजाराम सीगड़, उरमूल डेयरी एमडी श्री बाबूलाल बिश्नोई, राजुवास के अनुसंधान निदेशक डॉ बी.एन.श्रृंगी, डेयरी महाविद्यालय अधिष्ठाता डॉ राहुल सिंह पाल, वेटरनरी संकाय अध्यक्ष एवं अधिष्ठाता डॉ हेमंत दाधीच, क्लिनिक निदेशक डॉ प्रवीण बिश्नोई, पीजी अधिष्ठाता डॉ राजेश धूड़िया, , एडीआर डॉ एन.एस.राठौड़, डॉ संदीप खरे, पशुधन अनुसंधान केन्द्र बीकानेर के (राठी गाय) प्रभारी अधिकारी डॉ विजय बिश्नोई, पशुधन अनुसंधान केन्द्र बिछवाल ( थारपारकर) प्रभारी अधिकारी डॉ मोहनलाल, डॉ प्रकाश शर्मा, डॉ अशोक डांगी समेत अन्य स्टाफ व विद्यार्थीगण उपस्थित रहे। पशुपालन मंत्री ने नवनिर्मित प्रशासनिक भवन में बनी हुई विभिन्न लैब और कक्षा कक्षों का निरीक्षण किया।

इस अवसर पर पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने कहा कि डेयरी महाविद्यालय के नवनिर्मित भवन से विद्यार्थियों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता दूध और दूध से बने हुए उत्पादों में मिलावट रोकना है। इसको लेकर सरकार द्वारा जनता के हित में कदम उठाए जाएंगे। उन्होने कहा कि दूध और दूध से बने उत्पादों की टेस्टिंग लैबोरेट्री को लेकर डेयरी महाविद्यालय की ओर से जो भी प्रपोजल भिजवाया जाएगा उसे मंजूर करवाने के पूरे प्रयास किए जाएंगे।

इससे पूर्व बीकानेर पश्चिम विधायक श्री जेठानंद व्यास ने पशुपालन मंत्री से कहा कि दूध व दूध से बनी चीजों में मिलावट रोकने को लेकर उच्च स्तरीय लेबोरेटरी की स्थापना बीकानेर में हो। ताकि लोगों को दूध, घी, मावा, पनीर इत्यादि मिलावट मुक्त उपलब्ध हो सके। साथ ही कहा कि पशुओं की देसी नस्ल को और बढ़ावा मिले।

डेयरी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ राहुल सिंह पाल ने बताया कि वर्ष 2021-22 से डेयरी महाविद्यालय की क्लासेज राजुवास परिसर में संचालित की जा रही थी। अब चौथे बैच की क्लासेज प्रशासनिक भवन की एक मंजिला नवनिर्मित इमारत में हो सकेंगी। कुल करीब 15 करोड़ की लागत से डेयरी महाविद्यालय की तीन मंजिला इमारत का निर्माण होना है। साथ ही श्री पाल ने बताया कि मिल्क टेस्टिंग लेबोरेटरी का करीब 10 करोड़ का प्रपोजल तैयार किया गया है। जिसे जल्द ही राज्य सरकार का भिजवाया जाएगा। अगर यह प्रपोजल मंजूर होता है तो लेबोरेटरी की स्थापना से दूध व दूध से बने उत्पादों का सर्टिफिकेशन का कार्य हो सकेगा। साथ ही उनमें केमिकल कंपोजिशन का भी पता चल सकेगा।

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