

बीकानेर। स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों और कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय के कुछ विद्यार्थियों द्वारा कुछ बाहरी तत्वों के प्रभाव में शैक्षणिक वातावरण को बाधित करने के प्रयासों के विरुद्ध नियम सम्मत कार्यवाही करने के लिए श्रीडूंगरगढ़ विधायक ताराचंद सारस्वत, संभागीय आयुक्त बीकानेर, जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन दिया।
विश्वविद्यालय स्टाफ द्वारा दिए गए इस ज्ञापन में कहा गया है कि गत वर्षो में विश्वविद्यालय में शैक्षणिक, शोध, प्रसार और समन्वयन संबंधी गतिविधियों के लिए संजीदगी से कार्य किया जा रहा है। वर्ष 2024 में यहां 90 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित किए गए हैं । कुलपति के प्रयासों से विश्वविद्यालय में करीब 2 करोड रुपए की लागत कि बांस तथा मधुमक्खी पालन से जुड़ी दो श राष्ट्रीय परियोजनाएं पहली बार स्वीकृत की गई है । इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों की समस्याओं के निराकरण के लिए भी नियमित रूप से सुनवाई कर संवेदनशील प्रयास किए गए हैं। विश्वविद्यालय की फीस में हाल ही में कटौती कर अन्य विश्वविद्यालयों के अनुरूप कर विद्यार्थियों को राहत प्रदान की गई है। विद्यार्थियों को पढ़ने के लिए पुस्तकालय, वाचनालय, प्रायोगिक सुविधाओं के उत्थान पर विशेष ध्यान दिया गया है। विश्वविद्यालय के शैक्षणिक कार्मिकों के साथ-साथ अशैक्षणिक कार्मिकों की समस्याओं का भी संवेदनशीलता के साथ निस्तारण करवाया गया। कुलपति के विरुद्ध लगाए गए आरोप निराधार बताते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन और स्टाफ द्वारा कहा गया है कि कुछ असामाजिक तत्वों और बाहरी तत्वों के प्रभाव में अनुचित व्यवहार किया जा रहा है। इससे विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को हानि होती है। इसके विरुद्ध समस्त संकाय सदस्यों द्वारा सर्व सहमति से निंदा प्रस्ताव पारित किया गया है। ज्ञापन में ऐसे असामाजिक तत्वों और बाहरी व्यक्तियों के प्रति नियम सम्मत कार्रवाई अमल में लाते हुए यहां के सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण को संधारित रखने में सहयोग का अनुरोध किया गया है।