

बीकानेर। 2025 में पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत बीकानेर शहर को भी 75 ई बसें मिलेंगी। केन्द्र सरकार 10 हजार इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के लिए 1310 करोड़ रुपए आवंटित कर रही है। इसका मूल उद्देश्य शहरी परिवहन में सुधार करना है। राजस्थान में बीकानेर के अलावा अजमेर, अलवर, भीलवाड़ा, जोधपुर, कोटा, उदयपुर और जयपुर में ई-बसों का संचालन शुरू हो गया है। बसों के लिए केन्द्र सरकार शहरों में 10 हजार रुपए प्रति किलोवाट की सब्सिडी भी देगी या अधिकतम 35 लाख रुपए तक सब्सिडी मिलेगी। बीकानेर में 75 बसें चलाने की तैयारी हो गई है। इसके लिए सिविल स्टैंड के लिए महाराजा गंगासिंह विवि के सामने गोचर में 5 हैक्टेयर जमीन भी आवंटित हो गई है। यहीं इनका मूल स्टैंड होगा। बसें सुबह 5 बजे से रवाना होकर रात 10 बजे तक अपने रूट पर चलेंगी। रात में यहां आकर खडी होंगी। यहीं इनके चार्जिंग प्वाइंट बनाए जाएंगे। पूरी रात बसें चार्ज होकर फिर अगले दिन रूट पर रवाना होंगी। जानकारी के मुताबिक 10 से 12 मीटर वाली इलेक्ट्रिक बसों के लिए सब्सिडी की अधिकतम सीमा 35 लाख रुपए, 8 से 10 मीटर के लिए 25 लाख रुपए और 6 से 8 मीटर के लिए 20 लाख रुपए तय की गई है। 14 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों के शहरों के लिए 7293 इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी भी दे गई जिसमें बीकानेर शहर भी शामिल है। बिजली और सिविल डिपो इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए 983.75 करोड़ रुपए की राशि भी मंजूर हो गई है। चार्टर्ड स्पीड ने 900 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें चलाने का टेंडर लिया है जिसके पास राजस्थान भी है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ और मेघालय के 13 शहरों में इंट्रा सिटी यात्रा के लिए ई-बसों की आपूर्ति और संचालन करने का काम होगा। बहुत जल्दी ही इसकी एलओआई जारी होने वाली है।