
बीकानेर, 8 सितंबर। साक्षर होना वास्तव में समेकित जानकारियों के साथ परिष्कृत हो कर सलीके से जीवन जीने का तरीका है। गुरु रविदास विश्व महापीठ के राष्ट्रीय महामंत्री रवि शेखर मेघवाल ने विश्व साक्षरता दिवस के अवसर पर सोमवार को आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में यह बात कही।
उन्होंने कहा कि साक्षरता से तात्पर्य जीवन से जुड़ी हर गतिविधि को नफासत से संपादित करना है, जिसके लिए अनवरत कार्यरत रहना होता है। उन्होंने केंद्र सरकार के नवभारत साक्षरता कार्यक्रम की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान में डिजिटल साक्षरता को रेखांकित करते हुए कार्य किया जा रहा है, जो जन साधारण के लिए उपयोगी है।
वरिष्ठ साहित्यकार एवं साक्षरताकर्मी राजेंद्र जोशी ने कहा कि साक्षरता अनवरत चलने वाली सतत प्रक्रिया है, जो जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि साक्षरता को सरकार द्वारा समग्र प्राथमिकता से लिया जाना चाहिए।
अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी शिवशंकर चौधरी ने इस अवसर पर कहा कि स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता परस्पर पूरक है। विद्यालयों के छात्र छात्राओं द्वारा स्वयं सेवक के रूप में साक्षरता का कार्य करवाए जाने पर आवश्यक सहयोग उपलब्ध करवाया जाएगा।
जिला साक्षरता एवं सतत शिक्षा अधिकारी हेतराम सारण ने कहा कि उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम अपने आप में अभिनव कार्यक्रम है, जो जीवन से जुड़े विषयों पर बौद्धिक जानकारी प्रदान करता है। उन्होंने बीकानेर जिले में संचालित गतिविधियों की व्यापक जानकारी देते हुए साक्षरता के विषय पर विस्तृत जानकारियां दी।
इससे पूर्व अतिथियों में सरस्वती की तस्वीर के आगे दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। नारायणा ई टेक्नो स्कूल के छात्र छात्राओं ने गणेश वंदना से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में बीकानेर के ब्लॉक समन्वयक अरुण कुमार शर्मा, लूणकरणसर के महावीर धतरवाल और पांचू के शुभकरण सियाग को श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। इसी प्रकार श्रेष्ठ कार्य करने वाले सर्वेयरों एवं स्वयंसेवी शिक्षकों एवं नव साक्षरों को प्रशस्ति पत्र दे कर सम्मानित किया गया।
नारायणा ई-टेक्नो स्कूल की प्रिंसिपल अलका पारीक ने आगंतुकों का आभार जताया।कार्यक्रम में लेखाधिकारी जया आचार्य, प्रदीप सिंह राजपुरोहित, चेतराम बालान, अशोक कुमार सोनी, मुरलीधर शर्मा, करणी सिंह पडिहार सहित अनेक लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन कंचन शेखावत ने किया।