
बीकानेर, 13 अप्रैल। केन्द्रीय विधि एवं न्याय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फूले तथा बाबा साहेब डाॅ. भीमराव अम्बेडकर सामाजिक समरसता के प्रतीक, नारी शिक्षा के अग्रदूत तथा समता एवं समानता की अलख जगाने वाले ऐसे महापुरूष थे, जिनके सिद्धांत आज भी प्रासंगिक हैं। भावना मेघवाल मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा दोनों महापुरूषों की जयंती एक साथ मनाकर नई शुरूआत की गई है।
केन्द्रीय मंत्री श्री मेघवाल ने सोमवार को राजकीय पाॅलिटेक्निक काॅलेज मैदान में भारत रत्न बाबा साहेब डाॅ. भीमराव अम्बेडकर की 135वीं तथा महात्मा ज्येतिबा फूले की 199वीं जयंती के अवसर पर भावना मेघवाल मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
केन्द्रीय मंत्री श्री मेघवाल ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फूले का निधन 28 नवंबर 1890 को हुआ तथा बाबा साहेब 14 अप्रैल 1891 को इस दुनिया में आए। उन्होंने ज्योतिबा फूले के विचारों को आगे बढ़ाया तथा समाज में नई चेतना पैदा की। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का बनाया संविधान आज हमें एक सूत्र में बांधता है। दोनों महापुरूषों के सिद्धांतों का आज भी हमारे जीवन में प्रभाव है। उन्होंने कहा कि भावना मेघवाल मेमोरियल ट्रस्ट ने नई शुरूआत कर समाज के समक्ष एक मिसाल रखी है।
श्री मेघवाल ने कहा कि आने वाले समय में महात्मा ज्योतिबा फूले के विचारों को लेकर देशभर में कार्यक्रम होंगे। बीकानेर में इनकी शुरूआत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज में अनेक धर्म, जातियां और वर्ग हैं। सभी में आपसी समरसता हो, यही दोनों महापुरूषों का ध्येय था। केन्द्रीय मंत्री ने परिवार को भारतीय समाज का महत्वपूर्ण अंग बताया और कहा कि परिवार आगे बढ़ेगा तो समाज और देश को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि महिलाओं को अवसर मिले तो वे किसी भी क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकती हैं। इसे ध्यान रखते हुए केन्द्र सरकार ने महिला उत्थान के क्षेत्र में अनेक कार्य किए गए हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम इनमें सबसे महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि संसद का नया भवन आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक है। प्रधानमंत्री की पहल पर इस भवन में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के रूप में पहला बिल पास हुआ। यह लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं के 33 प्रतिशत आरक्षण के सपने को साकार करेगा।
श्री मेघवाल ने कहा कि इस बिल को बेहतर तरीके से लागू करने के लिए 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। यह केन्द्र सरकार की महिलाओं को आगे बढ़ाने के संकल्प का द्योतक है। उन्होंने कहा कि यह बिल वर्ष 1996 में पूर्व प्र्रधानमंत्री श्री एचडी दैवेगोड़ा के समय से लंबित था, जिसे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प की बदौलत पास करवाया जा सका है। इस दौरान केन्द्रीय मंत्री ने ‘सशक्त नारी, सशक्त भारत’ अभियान का बैनर तथा नशा मुक्ति अभियान के टीशर्ट का विमोचन किया।
खाजूवाला विधायक डाॅ. विश्वनाथ मेघवाल ने कहा कि बाबा साहेब को सदियों तक ‘सिंबल आॅफ नाॅलेज’ के रूप में याद रखा जाएगा। उन्होंने देश को दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान देने के साथ आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। श्रीडूंगरगढ़ विधायक श्री ताराचंद सारस्वत ने कहा कि दोनों विभूतियों ने अत्यंत प्रतिकूल समय में देश को दिशा दिखाई। दोनों दूरदृष्टा थे तथा देश में समानता के भाव पैदा करने के पक्षधर थे।
श्री विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री रामगोपाल सुथार ने कहा कि दोनों महापुरूषों के जीवन में अनेक समानताएं थी। दोनों ने मानव धर्म को सबसे बड़ा धर्म माना और देश को आगे बढ़ाने में अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। श्रीमती सुमन छाजेड़ ने कहा कि समाज को महात्मा ज्योतिबा फूले और बाबा साहेब जैसे महापुरूषों के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए। उनके दिखाए आदर्शों का अनुसरण करना उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है।
कार्यक्रम संयोजक श्री रवि शेखर मेघवाल ने कार्यक्रम की रूपरेखा के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि दोनों महापुरूषों ने देश को नई दिशा और दशा दी। बाबा साहेब ने जीवन में अनेक चुनौतियों का सामना किया लेकिन इनसे घबराए बिना लगातार आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फूले ने अपनी पत्नी सावित्री बाई फूल को पहली महिला शिक्षिका बनाकर समाज के समक्ष एक मिसाल प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी तक ऐसे महापुरूषों के व्यक्तित्व-कृतित्व की जानकारी पहुंचे, इसके मद्देनजर यह पहल की गई है।
पूर्व महापौर श्रीमती सुशीला कंवर राजपुरोहित ने कहा कि दोनों महापुरूष, समाज को और अधिक बेहतर दिशा में ले जाना चाहते थे। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि इससे महिलाओं को भी राजनीति के क्षेत्र में और अधिक अवसर मिलेंगे। राजस्थान प्रशासनिक सेवा की वरिष्ठ अधिकारी तथा भावना मेघवाल ट्रस्ट की पदाधिकारी श्रीमती सुशीला वर्मा ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने ट्रस्ट की गतिविधियों के बारे में बताया तथा दोनों महापुरूषों के जीवन से जुड़े प्रसंग साझा किए।
इस दौरान हाल ही में सिविल सेवा परीक्षा में चयनित हुई नमिता सोनी का अभिनंदन किया गया। केन्द्रीय मंत्री ने शाॅल ओढ़ाकर और साफा पहनाकर नमिता सोनी को आशीर्वाद दिया। सोनी ने भी विचार व्यक्त किए और यहां तक पहुंचने में श्री मेघवाल के मार्गदर्शन को महत्वपूर्ण बताया। इससे पहले श्री मेघवाल ने महात्मा ज्योतिबा फूले और बाबा साहेब के चित्र के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम की शुरूआत की। आयोजकों की ओर से केन्द्रीय मंत्री और श्री रवि शेखर मेघवाल का अभिनंदन किया गया। संचालन ज्योति प्रकाश रंगा ने किया।
इस अवसर पर पूर्व विधायक श्रीमती शिमला बावरी, डाॅ. सत्यप्रकाश आचार्य, श्री श्याम सुंदर पंचारिया, नगर विकास न्यास के पूर्व अध्यक्ष श्री महावीर रांका, श्री चंपालाल गेदर, श्री मोहन सुराणा, पूर्व प्रधान श्री कन्हैया लाल सियाग, पूर्व उप महापौर श्री राजेन्द्र पंवार, श्री मुमताज अली भाटी, श्री दिलीप पुरी, श्री श्याम सिंह हाडला, श्री विनोद गिरि गुसाई, श्री रामेश्वर पारीक, श्री विक्रम सिंह राजपुरोहित सहित अनेक विशिष्टजन अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
समारोह में अशोक प्रजापत, छैलू सिंह शेखावत, किशन गोदारा, महावीर रोड़ा, मनीराम चालिया, राजेन्द्र सिंह राजपुरोहित, सिद्धि बारूपाल, सम्पत पारीक, राजाराम गोडू, पप्पूराम पंवार, ओम बाना, मोतीलाल पड़िहार, ललित राठौड़ सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए हजारों लोगों ने भागीदारी निभाई।
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