
बीकानेर, 29 अप्रैल। जिला कलक्टर श्री निशांत जैन ने बुधवार को राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने कहा कि समस्त राजस्व अधिकारी यह सुनिश्चित करें उनके न्यायालयों में दर्ज परिवाद समयबद्ध निस्तारित हों। उन्होंने कहा कि उपखण्ड क्षेत्र के प्रशासनिक मुखिया के तौर पर प्रत्येक उपखण्ड अधिकारी अपने क्षेत्र में प्रशासनिक प्रबंधन, कानून व्यवस्था संधारण, बजट घोषणा क्रियान्वयन, मौसमी बीमारियों के प्रबंधन, संपर्क पोर्टल प्रकरण निस्तारण सहित प्रत्येक बिंदु पर नजर बनाए रखें, जिससे आमजन को राहत मिले।
श्री जैन ने कहा कि प्रत्येक न्यायालय में लंबित पुराने प्रकरणों को ‘माइलस्टोन’ निर्धारित कर प्राथमिकता से निस्तारित किया जाए। कोई भी प्रकरण बेवजह लंबित नहीं रहे, इसलिए राजस्व अधिकारी नियमित सुनवाई करें। उन्होंने उपखण्ड अधिकारियों तथा सहायक कलक्टर न्यायालयों में दर्ज, निस्तारित और लंबित प्रकरणों की समीक्षा की और कहा कि इस संबंध में राज्य सरकार के आदेशों की अक्षरशः पालना करें। इसकी उच्च स्तर पर नियमित समीक्षा होती है। अतः अगली बैठक से पूर्व संतोषजनक संख्या में प्रकरणों को निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
जिला कलक्टर ने माता पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण पोषण एवं कल्याण अधिनियम-2007 के तहत दायर एवं निस्तारित प्रकरणों की जानकारी ली तथा बीकानेर उपखण्ड अधिकारी को इन प्रकरणों के निस्तारण पर अधिक ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने आम रास्ता/सीलिंग कानून, धारा 90-ए एलआर एक्ट के तहत अतिक्रमण, खातेदारों की सहमति पर संयुक्त खातें की भूमि के बंटवारे, धारा 91 एलआर एक्ट के तहत अतिक्रमण मामले सहित विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की।
जिला कलक्टर ने कहा कि राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों के समयबद्ध निस्तारण के साथ उच्च न्यायालय तथा अधीनस्थ न्यायालयों के प्रकरणों के जवाब भी समयबद्ध भिजवाए जाएं।
जिला कलक्टर ने कहा कि राजस्व अधिकारी क्षेत्र के प्रशासनिक अधिकारी के रूप में भी पूर्ण गंभीरता से कार्य करें। नॉर्म्स के अनुसार दौरे, जनसुनवाई, निरीक्षण एवं रात्रि चौपाल करें। नियमित रूप से साप्ताहिक समीक्षा बैठकें लें। पानी एवं विद्युत आपूर्ति, मौसमी बीमारियों के प्रबंधन, आंगनबाड़ी केन्द्रों, स्वास्थ्य केन्द्रों, विद्यालयों, राशन की दुकानों, अन्नपूर्णा रसोइयों आदि की व्यवस्था संधारण सुनिश्चित करें। बजट घोषणाओं की समयबद्ध पालना सुनिश्चित करें। साथ ही संपर्क पोर्टल के प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण, बजट घोषणाओं की क्रियन्विति सहित प्रत्येक बिंदु की नियमित समीक्षा करें।
जिला कलक्टर ने कहा कि प्रत्येक उपखण्ड क्षेत्र के अधिकारी परस्पर समन्वय रखें। आपदा प्रबंधन से जुड़े प्रकरणों, फार्म रजिस्ट्रीकरण, एचपीवी वैक्सीनेशन, कोलायत में आकांक्षी ब्लाॅक कार्यक्रम क्रियान्वयन, बजट घोषणाओं के तहत लंबित भू आवंटन एवं लंबित प्रकरणों की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) श्री सुरेश कुमार यादव सहित समस्त राजस्व अधिकारी मौजूद रहे।