
बीकानेर, 8 जून। दी सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, बीकानेर एवं उत्तरी राजस्थान सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड (उरमूल) के संयुक्त तत्वावधान में “सहकार से समृद्धि” योजना के तहत 8 जून से 15 जून तक उरमूल भवन में “सहकारिता में सहकार” विशेष कैंप का आयोजन किया गया। कैंप में किसानों एवं सहकारी समितियों के पदाधिकारियों को बैंकिंग एवं तकनीकी सुविधाओं की जानकारी दी गई।
दी सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की प्रबंध संचालक ने बताया कि “म्हारो खातो, म्हारो बैंक” अभियान का उद्देश्य दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों (DUSS) एवं उत्पादक सहकारी समितियों (PDS) को केन्द्रीय सहकारी बैंक से जोड़कर उन्हें बैंकिंग सुविधाओं का अधिकतम लाभ उपलब्ध कराना है।
उरमूल के प्लांट मैनेजर ओमप्रकाश भांभू ने बताया कि इस पहल से समितियों को तकनीकी समावेशन के तहत कई लाभ प्राप्त होंगे। इनमें द्वार पर नकद जमा-निकासी सुविधा, बैंक मित्र के लिए अतिरिक्त कमीशन आय, आधार लिंक एवं डेबिट कार्ड के माध्यम से भुगतान, तत्काल बैलेंस जानकारी एवं मिनी स्टेटमेंट तथा समितियों की साख में वृद्धि शामिल है।
कैंप के नोडल प्रभारी धर्मेंद्र तथा सीसीबी बैंक शाखा प्रबंधक मानवेंद्र सिंह ने बताया कि बैंक में खाता खुलवाने पर शून्य शेष खाता, निःशुल्क खाता संचालन, आधुनिक बैंकिंग सुविधाएं, लॉकर किराये में 20 प्रतिशत छूट तथा पशुपालकों के लिए ब्याजमुक्त फसली ऋण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। ये सुविधाएं बैंक की मुख्य शाखा सहित लूणकरणसर, नोखा, खाजूवाला, कोलायत, जसरासर, छत्तरगढ़, बज्जू, श्रीडूंगरगढ़ एवं पूगल शाखाओं में भी उपलब्ध हैं।
उरमूल के प्रभारी पी एंड आई मोहन सिंह चौधरी ने समिति सचिवों एवं अध्यक्षों से अधिकाधिक किसानों को योजना से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए इस प्रकार के अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
कैंप में 100 से अधिक किसानों ने भाग लिया। इस अवसर पर डॉ. अनिल दाधीच, आर.पी. रामलाल वर्मा, अनिल कुमार खीचड़, रामचंद्र एवं जेठाराम ने भी किसानों को योजना की जानकारी देते हुए इसके लाभों पर प्रकाश डाला।