पंचायती राज आम चुनाव: पोस्टर-बैनर छापने के नियम तय, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

बीकानेर, 15 अक्टूबर। पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 के मद्देनजर चुनाव प्रचार से संबंधित पोस्टर, पेम्फलेट, होर्डिंग, फ्लेक्स बोर्ड, बैनर, हैंडबिल और अन्य मुद्रित सामग्री के प्रकाशन एवं मुद्रण को लेकर नियमों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिला मजिस्ट्रेट श्री निशान्त जैन ने जिले के सभी मुद्रणालय संचालकों और प्रोपराइटर्स को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 127-क के प्रावधानों की कड़ाई से पालना करने के निर्देश जारी किए हैं।

 

राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान द्वारा पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 के निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा के बाद जारी इन निर्देशों का उद्देश्य चुनाव प्रचार सामग्री के मुद्रण में पारदर्शिता बनाए रखना और नियमों के उल्लंघन को रोकना है।

 

*हर चुनावी सामग्री पर मुद्रक-प्रकाशक का नाम-पता जरूरी*

 

निर्देशों के अनुसार प्रत्येक निर्वाचन पेम्फलेट, पोस्टर, होर्डिंग, फ्लेक्स बोर्ड, हैंडबिल, प्लेकार्ड और विज्ञापन सामग्री पर मुद्रक एवं प्रकाशक का नाम और पता स्पष्ट रूप से अंकित करना अनिवार्य होगा। चुनावी सामग्री के मुद्रण का कार्य शुरू करने से पहले प्रकाशक से निर्धारित प्रपत्र में घोषणा पत्र प्राप्त करना होगा। इस घोषणा पत्र पर प्रकाशक के हस्ताक्षर होने के साथ ही ऐसे दो व्यक्तियों का सत्यापन भी आवश्यक होगा, जो प्रकाशक को व्यक्तिगत रूप से जानते हों।

 

*तीन दिन में जमा करवानी होंगी चार प्रतियां*

 

जिला प्रशासन के निर्देशानुसार प्रत्येक चुनावी दस्तावेज के मुद्रण के तीन दिनों के भीतर निर्धारित घोषणा पत्र और मुद्रित सामग्री की चार प्रतियां जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय, बीकानेर में जमा करवानी होंगी। इसके साथ मुद्रित दस्तावेजों की प्रतियों की संख्या और मुद्रण कार्य के लिए ली गई कीमत से संबंधित सूचना भी निर्धारित प्रपत्र में प्रस्तुत करनी होगी।

 

प्रकाशक के घोषणा पत्र को मुद्रक द्वारा प्रमाणित कर जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय को भेजना होगा। प्रत्येक चुनावी दस्तावेज के संबंध में निर्धारित सूचना और मुद्रित सामग्री की प्रतियां अलग-अलग प्रस्तुत करनी होंगी। विभिन्न दस्तावेजों की जानकारी को एक साथ सामूहिक रूप से जमा करवाने के बजाय प्रत्येक सामग्री के लिए अलग प्रक्रिया अपनानी होगी।

 

*नियमों के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई*

 

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 127-क तथा निर्वाचन आयोग के संबंधित आदेशों की अवहेलना करने पर संबंधित मुद्रणालय के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें प्रासंगिक नियमों के तहत मुद्रणालय का अनुज्ञापत्र समाप्त करने की कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।

 

जिला प्रशासन ने सभी मुद्रणालय संचालकों से निर्वाचन संबंधी सामग्री के मुद्रण के दौरान निर्धारित कानूनी प्रावधानों, घोषणा पत्र और सूचना प्रस्तुत करने की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने को कहा है, जिससे पंचायती राज चुनाव की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।

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