
बीकानेर, 14 जुलाई। किसानों को वैज्ञानिक तरीकों से भेड़ एवं बकरी पालन के माध्यम से उद्यमिता विकास सिखाने के लिए एसकेआरएयू में मंगलवार को सात दिवसीय प्रशिक्षण प्रारम्भ हुआ। प्रशिक्षण में राजस्थान सहित छह राज्यों से 90 किसान एवं पशुपालक सहभागिता कर रहे हैं ।
प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को भेड़ एवं बकरी पालन के वैज्ञानिक प्रबंधन, पोषण, प्रजनन, स्वास्थ्य, आवास, उत्पाद मूल्य संवर्धन, विपणन तथा उद्यमिता विकास से संबंधित व्यावहारिक एवं तकनीकी जानकारी प्रदान की जाएगी।
उद्घाटन सत्र में प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. दीपाली धवन ने किसानों से खेती के साथ पशुपालन अपनाने तथा वैज्ञानिक तरीकों से पशुओं का पोषण प्रबंधन सीखने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि पशुधन ग्रामीण आजीविका, पोषण सुरक्षा तथा सतत विकास का प्रमुख स्तंभ है। युवा किसान वैज्ञानिक तरीकों से भेड़ एवं बकरी पालन कर स्वरोजगार तथा उद्यमिता विकास को नयी दिशा दे सकते हैं।
कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. वीर सिंह ने कहा कि पारंपरिक अनुभव और आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों के समन्वय से भेड़ एवं बकरी पालन को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है। उन्होंने प्रतिभागियों से पूरी लगन से तकनीकी सत्रों में सीखने तथा हैंड्स आन ट्रेनिंग लेने की बात कही।
कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. शंकर लाल ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। सहायक आचार्य डॉ. कुलदीप प्रकाश शिंदे ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक, संकाय सदस्य, शोधार्थी तथा प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।