बीकानेर, 6 नवंबर। दीपावली की सफाई के दौरान निकलने वाले पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पर्यावरण के लिए खतरा न बनें, इसके लिए राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय आईजीएनपी कॉलोनी, बीकानेर की छात्राओं ने अनूठी पहल करते हुए आमजन को ई-कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूक किया। ब्रिक्स सतत जीवनशैली सप्ताह के छठे दिन छात्राओं ने वीडियो संदेश जारी कर पुराने मोबाइल, चार्जर, बैटरी एवं अन्य अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उचित निस्तारण करने की अपील की।
विद्यालय की छात्राओं सीता चौधरी एवं अंजू बिश्नोई ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि ई-कचरे को सामान्य कचरे में फेंकने के बजाय अलग एकत्रित कर अधिकृत ई-कचरा संग्रहण केंद्र अथवा पुनर्चक्रण संस्था को सौंपना चाहिए। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फेंकने के बजाय उनकी मरम्मत करवाकर दोबारा उपयोग में लेने को प्राथमिकता देनी चाहिए।
छात्राओं ने दीपावली के अवसर पर स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी उत्सव का हिस्सा बनाने का संदेश दिया। उल्लेखनीय है कि छात्रा सीता चौधरी को हाल ही में बालिका दिवस पर बालिका फाउंडेशन एवं समग्र शिक्षा के अंतर्गत जिला स्तर पर वीर रस की कविताओं के लिए सम्मानित किया गया था। उनका पर्यावरण जागरूकता संदेश विद्यार्थियों की सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण बना।
प्रधानाचार्य योगेश्वर कुमार साध के मार्गदर्शन एवं उपप्राचार्य गणेश चौधरी के सहयोग से आयोजित इस अभियान में विद्यार्थियों ने घर बैठे पोस्टर, शपथ एवं वीडियो संदेशों के माध्यम से सहभागिता निभाई। विद्यार्थियों ने अपने परिवारजनों को भी जिम्मेदार उपभोग, संसाधनों की बचत और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।
वरिष्ठ शारीरिक शिक्षक अशोक व्यास ने विद्यार्थियों के मार्गदर्शन एवं अनुशासन में विशेष सहयोग दिया, वहीं सहायक प्रशासनिक अधिकारी मनीष विधानी ने शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के बीच समन्वय स्थापित कर जागरूकता संदेशों के प्रचार-प्रसार में योगदान दिया।
कार्यक्रम में मंजुल मुकुल वर्मा, शमीम बानो, मनीता, रजनी गुर्जर एवं शिशांक मिश्रा का भी सहयोग रहा। विद्यालय परिवार ने विद्यार्थियों की पहल की सराहना करते हुए आमजन से स्वच्छ, सुरक्षित एवं पर्यावरण अनुकूल दीपावली मनाने की अपील की।
7 नवंबर को होगा सप्ताह का समापन
ब्रिक्स सतत जीवनशैली सप्ताह का समापन 7 नवंबर को होगा। विद्यालय परिवार ने सप्ताह के दौरान सीखी गई अच्छी आदतों को केवल अभियान तक सीमित न रखकर दैनिक जीवन में अपनाने तथा पर्यावरण संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बनाने का आह्वान किया।
