बीकानेर, 6 नवंबर। दीपावली की खुशियां जब अपनाघर वृद्धाश्रम में पहुंचीं तो बुजुर्गों के चेहरे मुस्कान से खिल उठे। कहीं भजनों की गूंज थी तो कहीं गीत-संगीत पर थिरकते कदम। तालियों की गड़गड़ाहट और हंसी-खुशी के बीच बुजुर्गों ने ऐसा उत्सव मनाया कि हर किसी को अहसास हुआ कि खुशियों की कोई उम्र नहीं होती। अवसर था रोटरी क्लब ऑफ बीकानेर रॉयल्स एवं रोटरी क्लब ऑफ बीकानेर अपराइज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘एक दिवाली, मुस्कुराहट वाली’ कार्यक्रम का। श्री जय दुर्गा मंडल के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में 38 से अधिक सदस्यों ने बुजुर्गों के साथ दीपावली की खुशियां साझा कीं।
कार्यक्रम के लिए अपनाघर वृद्धाश्रम परिसर को आकर्षक रंगोलियों और दीपमालाओं से सजाया गया। भजन-कीर्तन और संगीत की प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। बुजुर्गों ने गीत गाए, भजनों पर नृत्य किया और रोटरी सदस्यों के साथ जमकर खुशियां मनाईं। सदस्यों ने भी उनके साथ नृत्य और गायन में भाग लेकर आयोजन को पारिवारिक मिलन का रूप दे दिया।
रोटरी क्लब रॉयल्स के सह प्रांतपाल आनंद आचार्य ने बताया कि आयोजन का मुख्य उद्देश्य बुजुर्गों के साथ समय बिताना, उनकी खुशियों में सहभागी बनना और उन्हें परिवार जैसा अपनत्व महसूस करवाना था। क्लब अध्यक्ष विपिन लड्ढा ने बताया कि सभी बुजुर्गों को फल एवं मिठाइयां वितरित की गईं। रंगोली, दीपमाला और आतिशबाजी ने दीपावली के उत्साह को और बढ़ाया।
श्री जय दुर्गा मंडल की ओर से गीत-संगीत की विशेष प्रस्तुतियां दी गईं। मंडल अध्यक्ष मनीष बवेजा, संयोजक शिवम शुक्ला, गीतकार राज किराडू, राज पुरोहित, रोटेरियन डॉ. पुनीत खत्री, डॉ. सीएस मोदी एवं डॉ. मनोज सांवल ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। बुजुर्गों की गीत-संगीत में उत्साहपूर्ण भागीदारी कार्यक्रम का सबसे खास आकर्षण रही।
रोटेरियन अमित अग्रवाल ने बताया कि सदस्यों ने बुजुर्गों के साथ आत्मीय संवाद किया और उनके जीवन के अनुभव सुने। उनके साथ बैठकर समय बिताया और दीपावली की खुशियों को साझा किया। वहीं कोषाध्यक्ष राजेश खत्री ने बताया कि आयोजन में सदस्यों ने अपनी क्षमता और रुचि के अनुसार सहयोग किया। किसी ने मिठाइयां दीं तो किसी ने फल और आतिशबाजी की व्यवस्था की, जबकि कई सदस्यों ने आर्थिक सहयोग देकर आयोजन को सफल बनाया।
इस अवसर पर विपिन लड्ढा, राजेश पारीक, डॉ. पुनीत खत्री, राजेश बवेजा, जगदीप सिंह औबराय, शिशिर शर्मा, ज्योति प्रकाश रंगा, डॉ. मनोज कुड़ी, निखिल सेठिया, सुनील चमड़िया, डॉ. चक्रवर्ती श्रीमाली, हेमंत आसोपा, डॉ. राकेश माथुर, श्रवण कुमार सैनी, डॉ. राहुल रॉय, डॉ. मनोज गौर, विनोद कुमार माली, अमित अग्रवाल, राकेश मोदी, महेश अग्रवाल, डॉ. सीएस मोदी, आनंद आचार्य, गोविंद भादू, रमेश अग्रवाल, ऋषभ जैन, शिवेंद्र दाधीच, डॉ. वीएस आचार्य, सुरेंद्र सिंह, अभिषेक आचार्य, अश्वनी मिड्ढा, जगदीश थरेजा, मुकुल झांब, अरुण पुरोहित, हरजीत सिंह, विशाल कुक्कड़, अनिल कुक्कड़ एवं डॉ. आरके धुरिया सहित 38 से अधिक सदस्यों ने सहभागिता निभाई। विनोद कुमार माली ने मिठाई, मुकुल झांब ने फल और राजेश खत्री ने आतिशबाजी का विशेष सहयोग दिया।
कार्यक्रम के अंत में बुजुर्गों के चेहरों पर झलकती खुशी ने आयोजन की सार्थकता बयां कर दी। ‘एक दिवाली, मुस्कुराहट वाली’ ने समाज को यह प्रेरक संदेश दिया कि त्योहारों की असली खुशी केवल अपने घर को रोशन करने में नहीं, बल्कि उन लोगों के जीवन में भी खुशियों का दीप जलाने में है, जिन्हें अपनों के साथ और स्नेह की सबसे अधिक जरूरत है।
