बीकानेर। नत्थूसर गेट के पास नगर निगम के कचरा संग्रहण टिपर की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हुए सेवानिवृत्त बैंककर्मी केशवदत्त आचार्य की हालत अब भी चिंताजनक बनी हुई है। 31 अक्टूबर 2026 को हुए इस हादसे को छह दिन बीत चुके हैं, लेकिन परिजनों का आरोप है कि अब तक मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। एक ओर केशवदत्त आचार्य पीबीएम अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर परिवार न्याय की आस लगाए बैठा है।
आचार्य के भतीजे शरद आचार्य ने बताया कि नगर निगम के कचरा संग्रहण टिपर ने उनके चाचा को टक्कर मार दी और वाहन उन्हें काफी दूर तक घसीटता हुआ ले गया। हादसे में उनके सिर पर गंभीर चोट आई। ट्रॉमा सेंटर में डॉ. दिनेश सोढ़ी ने उनका ऑपरेशन किया, लेकिन अब तक उन्हें होश नहीं आया है। परिजनों के अनुसार उनकी स्थिति बेहद गंभीर है और वे लगातार वेंटिलेटर पर हैं।
शरद आचार्य ने कहा कि यह महज एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि नगर निगम की कार्यप्रणाली और कचरा संग्रहण वाहनों के संचालन एवं निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला है। हादसे के बाद नयाशहर थाने में एफआईआर दर्ज करवाई गई, लेकिन परिजनों का आरोप है कि अब तक न तो दुर्घटनाग्रस्त टिपर जब्त किया गया और न ही चालक को हिरासत में लेकर उसका मेडिकल परीक्षण करवाया गया।
परिजनों का कहना है कि हादसे के तुरंत बाद चालक का मेडिकल परीक्षण करवाया जाता तो यह स्पष्ट हो सकता था कि दुर्घटना के समय उसने शराब का सेवन किया था या नहीं। इसके अलावा अभय कमांड सेंटर में हादसे का वीडियो फुटेज उपलब्ध होने की बात भी सामने आई है। परिजनों का सवाल है कि यदि फुटेज उपलब्ध है तो उसे जांच में शामिल कर अब तक प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
नगर निगम की कार्रवाई पर भी उठे सवाल
हादसे के बाद महापौर अनिल कल्ला स्वयं मौके पर पहुंचे थे, लेकिन परिजनों के अनुसार संबंधित फर्म को अब तक नोटिस जारी किए जाने की जानकारी भी नहीं मिली है। उनका आरोप है कि नगर निगम की ओर से ऐसी कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे टिपर चालकों की लापरवाही पर अंकुश लगाया जा सके। निगम आयुक्त से भी संबंधित फर्म के विरुद्ध कार्रवाई की अपेक्षा जताई गई थी।
निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
शरद आचार्य ने महापौर, जिला कलक्टर, संभागीय आयुक्त सहित सभी जिम्मेदार अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने दुर्घटना की निष्पक्ष जांच, टिपर जब्त करने, चालक की भूमिका की जांच, अभय कमांड सेंटर के फुटेज को जांच में शामिल करने तथा संबंधित फर्म की जिम्मेदारी तय कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
शरद आचार्य का कहना है कि परिवार इस कठिन समय में अपने परिजन के स्वस्थ होने की उम्मीद लगाए बैठा है। प्रशासन को मामले की गंभीरता समझते हुए शीघ्र कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
