
बीकानेर। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के लिए राजस्व संबंधी कार्य समय पर करवाना अक्सर चुनौतीपूर्ण रहता है। जानकारी के अभाव, कार्यालयों की दूरी तथा बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की मजबूरी के कारण आमजन का समय और श्रम दोनों व्यर्थ होते थे। इन्हीं समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर ग्रामीण नागरिकों के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रहे हैं।
ऐसा ही प्रेरणादायक उदाहरण सोमवार को ग्राम पंचायत बल्लर की निवासी सरदारा पुत्री बुडन खान का है। सरदारा एक एकल महिला हैं, जिन्हें अपनी भूमि के रिकॉर्ड में शुद्धिकरण एवं विरासत नामांतरण करवाने की आवश्यकता थी। सामान्य परिस्थितियों में इस प्रक्रिया में आवेदन, दस्तावेजों का सत्यापन तथा विभिन्न कार्यालयों की कार्यवाही पूरी होने में लगभग 15 से 20 दिन का समय लग जाता है। परिवार की जिम्मेदारियों के कारण उनके लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाना भी कठिन था।
इसी दौरान उन्हें अपने क्षेत्र में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर की जानकारी मिली। आवश्यक दस्तावेजों के साथ वे शिविर पहुँचीं, जहाँ हेल्प डेस्क ने उनके आवेदन को संबंधित राजस्व अधिकारियों तक पहुँचाया। शिविर में उपस्थित अधिकारियों ने दस्तावेजों का मौके पर ही परीक्षण किया और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर दीं। जिस कार्य में सामान्यतः कई दिनों का समय लगता था, वह मात्र एक ही दिन में पूर्ण कर दिया गया। भूमि रिकॉर्ड का शुद्धिकरण तथा विरासत नामांतरण की प्रक्रिया ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उसी दिन पूरी कर सरदारा को दस्तावेज उपलब्ध करा दिए गए।
अपना कार्य इतनी शीघ्रता से पूरा होने पर सरदारा अत्यंत भावुक हो गईं। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा-मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि जिस काम के लिए मुझे हफ्तों तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते, वह एक ही दिन में पूरा हो जाएगा। ग्रामीण सेवा शिविर हम जैसे ग्रामीणों के लिए वास्तव में किसी वरदान से कम नहीं है।