
बीकानेर, 17 सितंबर। सी.एम. मूंधड़ा फाउंडेशन की ओर से सामाजिक सरोकारों के तहत आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद 51 मरीजों का अहमदाबाद स्थित के.डी. अस्पताल में निशुल्क घुटना प्रत्यारोपण करवाया गया। सफल उपचार के बाद मरीजों के बीकानेर लौटने पर उनके चेहरों पर खुशी और संतोष साफ नजर आया। मरीजों एवं उनके परिजनों ने फाउंडेशन का आभार जताते हुए कहा कि महंगे उपचार के कारण जो घुटना प्रत्यारोपण उनके लिए मुश्किल था, वह फाउंडेशन के सहयोग से संभव हो सका।
घुटना प्रत्यारोपण करवाकर लौटे मरीजों को फाउंडेशन के मुख्य ट्रस्टी श्रीकिशन मूंधड़ा स्वयं रेल मार्ग से अहमदाबाद से बीकानेर लेकर पहुंचे। मरीजों के उपचार के साथ-साथ उनके आने-जाने तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी भी फाउंडेशन की ओर से निभाई गई।
परिजनों के रहने-खाने की भी व्यवस्था
फाउंडेशन की ओर से केवल मरीजों का ऑपरेशन ही निशुल्क नहीं करवाया गया, बल्कि उपचार के दौरान उनके साथ अहमदाबाद में रहने वाले परिजनों के लिए भी रहने और भोजन की व्यवस्था की गई। मरीजों एवं उनके परिजनों को बीकानेर से अहमदाबाद तथा उपचार के बाद अहमदाबाद से बीकानेर लाने-ले जाने की व्यवस्था भी ट्रस्ट की ओर से की गई।
फाउंडेशन की ओर से इससे पूर्व 117 मरीजों का निशुल्क घुटना प्रत्यारोपण करवाया जा चुका है। इस प्रकार अब तक कुल 168 जरूरतमंद मरीजों को इस सेवा का लाभ मिल चुका है।
श्रीकिशन मूंधड़ा बोले— जरूरतमंदों को स्वस्थ जीवन देना उद्देश्य
मूंधड़ा फाउंडेशन के ट्रस्टी श्रीकिशन मूंधड़ा ने कहा कि फाउंडेशन का उद्देश्य केवल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाना नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद लोगों को बेहतर और स्वस्थ जीवन जीने का अवसर प्रदान करना है। घुटने की बीमारी के कारण अनेक लोग चलने-फिरने और दैनिक कार्य करने में असमर्थ हो जाते हैं। ऐसे मरीजों का निशुल्क उपचार करवाकर उन्हें दोबारा सामान्य जीवन की ओर लौटते देखना फाउंडेशन के लिए सबसे बड़ी खुशी है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सरोकारों से जुड़े सेवा कार्य आगे भी निरंतर जारी रहेंगे।
द्वारकाप्रसाद पचीसिया बोले— चिकित्सा सेवा सबसे बड़ा सामाजिक सरोकार
सी.एम. मूंधड़ा चेरिटेबल ट्रस्ट, बीकानेर के अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया ने कहा कि जरूरतमंद मरीजों का निशुल्क घुटना प्रत्यारोपण करवाना ट्रस्ट की सामाजिक प्रतिबद्धता का हिस्सा है। आर्थिक अभाव के कारण कोई व्यक्ति बेहतर उपचार से वंचित न रहे, इसी भावना के साथ ट्रस्ट चिकित्सा क्षेत्र में लगातार सेवा कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि घुटना प्रत्यारोपण के बाद मरीजों को दर्द और चलने-फिरने की परेशानी से राहत मिलना इस सेवा कार्य की सार्थकता है।
मरीज बोले— दर्द से मिली राहत, ट्रस्ट का आभार
घुटना प्रत्यारोपण करवाकर बीकानेर लौटे मरीजों ने बताया कि वे लंबे समय से घुटने के दर्द और चलने-फिरने की समस्या से परेशान थे। निजी अस्पताल में घुटना प्रत्यारोपण का खर्च उठाना उनके लिए संभव नहीं था। ऐसे समय में मूंधड़ा फाउंडेशन ने निशुल्क उपचार करवाकर बड़ी मदद की।
मरीजों ने कहा कि उपचार के साथ-साथ बीकानेर से अहमदाबाद आने-जाने तथा परिजनों के रहने और भोजन की व्यवस्था भी ट्रस्ट की ओर से की गई, जिससे उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। मरीजों ने फाउंडेशन के पदाधिकारियों और पूरी टीम का आभार जताते हुए कहा कि घुटने के दर्द से राहत मिलने के बाद उनके जीवन में फिर से खुशियां लौट आई हैं।
इस अवसर पर वीरेंद्र किराडू, संतोष आसोपा, पवन पचीसिया, फिजियोथेरेपिस्ट भवानी शंकर, ऋषिराज रामावत सहित अन्य उपस्थित रहे।