जायडेक्स ने पेश की 145 साल पुरानी सिलिकेट पेंट तकनीक

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जयपुर। नोवोटेल जयपुर एग्जिबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित 23वें ‘आर्केसिया फोरम 2026’ में आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल निर्माण सामग्री का बड़ा संगम देखने को मिला। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स द्वारा आयोजित इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में 24 एशियाई देशों के 3,000 से अधिक प्रमुख वास्तुकार (आर्किटेक्ट्स) जुटे। इस फोरम में जायडेक्स ग्रुप की इकाई ‘जायडेक्स पेंट्स एंड वॉटरप्रूफिंग’ ने सिल्वर स्पॉन्सर के तौर पर शिरकत की और वास्तुकला को दीर्घकालिक स्थायित्व देने वाली अपनी 145 साल पुरानी ऐतिहासिक सिलिकेट मिनरल पेंट तकनीक का प्रदर्शन किया।

जायडेक्स पेंट्स एंड वॉटरप्रूफिंग के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) अमरेंद्र मिश्रा ने कहा, “भारतीय पेंट उद्योग में अब तक केवल रंग और चमक पर ही अधिक जोर दिया जाता रहा है। लेकिन आज जलवायु परिवर्तन के दौर में इमारतों के टिकाऊपन और सुरक्षा पर केंद्रित होना अनिवार्य है। सिलिकेट मिनरल केमिस्ट्री अग्रभाग के जीवनकाल को काफी बढ़ा देती है, जिससे भवनों को लंबे समय तक बार-बार मरम्मत व रखरखाव की चिंता से मुक्ति मिलती है।”

कार्यक्रम के महत्व को रेखांकित करते हुए आर्केशिया 2026 के प्रेसिडेंट इलेक्ट, आर्किटेक्ट तुषार सोगानी ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय मंच स्थानीय निर्माण सामग्री, पारंपरिक ज्ञान और जलवायु-अनुकूल प्राथमिकताओं को आधुनिक डिजाइन के साथ जोड़ने का एक साझा प्रयास है, जिससे एशियाई वास्तुकला को वैश्विक स्तर पर मजबूती मिलेगी।

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