
बीकानेर, 18 सितंबर। शहर के मुक्ता प्रसाद नगर स्थित 2/251 में संत विजय जी श्रीमाली के निवास पर भगवान गणेश जी की भव्य एवं मनमोहक प्रतिमा विराजित है। सोने एवं चांदी के वर्क से सुसज्जित भगवान गणेश की प्रतिमा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण और आस्था का केंद्र बनी हुई है। प्रतिमा की सुंदर सजावट और मनमोहक स्वरूप देखते ही बनता है।
बीकानेर की ओर से भगवान गणेश की आराधना के साथ प्रतिदिन रात्रि भजन संध्या का आयोजन किया जा रहा है। हर रोज रात्रि 9 बजे से 11:30 बजे तक अलग-अलग कलाकारों द्वारा भगवान गणेश एवं देवी-देवताओं की भक्ति से जुड़े भजनों की शानदार प्रस्तुतियां दी जा रही हैं। भजन संध्या में श्रद्धालु देर रात तक भक्ति रस में डूबे नजर आते हैं।
भजन प्रस्तुति देने वाले कलाकारों में यश श्रीमाली,भानूप्रकाश, वैणु गोपाल, हितेंद्र, कमल जी, अशोक सैन, फनीन्दर, प्यारे भाई चौहान सहित कई अन्य सहयोगी कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को भक्तिमय बना रहे हैं। कलाकारों की मधुर आवाज और भक्ति संगीत से पूरा आयोजन स्थल भगवान गणेश के जयकारों एवं भजनों से गूंज उठता है।
इससे श्रद्धालुओं को हर दिन नई प्रस्तुतियां सुनने और भक्ति संगीत का आनंद लेने का अवसर मिल रहा है। कलाकारों द्वारा पारंपरिक भजनों के साथ भगवान गणेश की महिमा और देवी-देवताओं की आराधना से जुड़े भजन प्रस्तुत किए जा रहे हैं।
गुरुजी विजय जी श्रीमाली ने बताया कि भगवान गणेश जी की प्रतिमा को विशेष रूप से सोने और चांदी के वर्क से सजाया गया है। धार्मिक आयोजन के माध्यम से लोगों को भक्ति, संगीत और आध्यात्मिक वातावरण से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन होने वाली भजन संध्या में श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक है।
शाम होते ही आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो जाती है। भगवान गणेश के दर्शन के बाद श्रद्धालु भजन संध्या में शामिल होकर कलाकारों की प्रस्तुतियों का आनंद लेते हैं। भजनों के दौरान श्रद्धालु भी तालियों और जयकारों के साथ कलाकारों का उत्साह बढ़ाते नजर आते हैं।
सोने-चांदी के वर्क से सुसज्जित भगवान गणेश की भव्य प्रतिमा और प्रतिदिन होने वाली भजन संध्या के चलते मुक्ता प्रसाद नगर में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। धार्मिक आस्था, संगीत और श्रद्धा का यह संगम बीकानेरवासियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।