
बीकानेर। बीकानेर जिला उद्योग संघ ने जीएसटी परिषद की सिफारिशों का स्वागत करते हुए कहा है कि जीएसटी व्यवस्था को अधिक सरल, पारदर्शी और उद्योग अनुकूल बनाने की दिशा में प्रस्तावित प्रक्रियागत सुधार महत्वपूर्ण कदम हैं। इन सुधारों का वास्तविक लाभ तभी मिल सकेगा, जब इन्हें प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा और व्यापारियों एवं उद्यमियों को व्यावहारिक स्तर पर राहत मिलेगी।
बीकानेर जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया एवं सचिव वीरेंद्र किराड़ू ने कहा कि जीएसटी व्यवस्था में प्रक्रियागत सुधारों से व्यापारियों, उद्यमियों और औद्योगिक इकाइयों को अनुपालन संबंधी कठिनाइयों तथा अनावश्यक मुकदमेबाजी से राहत मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि कर व्यवस्था का उद्देश्य केवल राजस्व संग्रह तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि व्यापार एवं उद्योग के लिए सरल, स्थिर और भरोसेमंद वातावरण तैयार करना भी होना चाहिए।
उन्होंने बताया कि रिफंड प्रक्रिया में सुधार, इनपुट टैक्स क्रेडिट से संबंधित प्रावधानों का पुनर्गठन, पंजीकरण प्रक्रिया का स्वचालन तथा कर विवादों के निस्तारण के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश व्यवसायों के समय और लागत को कम करने में सहायक साबित हो सकते हैं। इन प्रक्रियाओं को सरल बनाने से उद्यमियों को अनावश्यक कागजी कार्रवाई और विभागीय प्रक्रियाओं में लगने वाले समय से राहत मिल सकती है।
संघ पदाधिकारियों के अनुसार, जीएसटी व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ने और प्रक्रियाओं के सरलीकरण से वास्तविक रूप से कर अनुपालन करने वाले व्यापारियों एवं उद्यमियों को अनावश्यक परेशानियों से बचाने में मदद मिलेगी। साथ ही, कर संबंधी नियमों की स्पष्टता से उद्योग जगत में विश्वास बढ़ेगा और कारोबारी गतिविधियों को अधिक सुगमता से संचालित करने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि किसी भी कर सुधार की सफलता उसके प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करती है। इसलिए आवश्यक है कि प्रस्तावित सुधारों को व्यावहारिक स्वरूप प्रदान किया जाए, विभागीय प्रक्रियाओं को समयबद्ध बनाया जाए तथा व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए स्पष्ट एवं पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
बीकानेर जिला उद्योग संघ ने उम्मीद जताई कि जीएसटी सुधारों का प्रभावी क्रियान्वयन व्यापारिक सुगमता को बढ़ावा देने, उद्योगों की अनुपालन लागत कम करने तथा प्रदेश के औद्योगिक एवं व्यावसायिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।