
बीकानेर, 12 अक्टूबर। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, भारत सरकार के अध्यक्ष किशोर मकवाना की अध्यक्षता में सोमवार को बीकानेर रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अनुसूचित जाति एवं जनजाति से संबंधित प्रकरणों, सामाजिक न्याय योजनाओं तथा पुलिस कार्रवाई की समीक्षा की गई।
बैठक में बीकानेर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक ओमप्रकाश, जिला कलेक्टर निशांत जैन, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के निदेशक डॉ. आर. स्टालिन, जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा, अतिरिक्त जिला कलेक्टर रीना सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से संचालित छात्रावास, छात्रवृत्ति, मुख्यमंत्री कन्यादान, पालनहार, मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं की समीक्षा की गई। इसके साथ ही अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना, एससी-एसटी एक्ट, दुष्कर्म, पॉक्सो तथा न्यायालय में विचाराधीन मामलों की स्थिति पर चर्चा की गई।
अत्याचार एवं दुष्कर्म के मामलों में आई कमी
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, बीकानेर रेंज में सितंबर तक वर्ष 2025 की तुलना में वर्ष 2026 में अनुसूचित जाति अत्याचार के मामलों में 24.02 प्रतिशत तथा अनुसूचित जनजाति से संबंधित मामलों में 36.36 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। वहीं, दुष्कर्म के मामलों में 30.96 प्रतिशत और पॉक्सो के मामलों में 26.60 प्रतिशत की कमी सामने आई।
अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
बैठक में गंभीर अपराधों, पॉक्सो, हत्या, गंभीर चोट, हत्या के प्रयास और भूमि विवाद से जुड़े मामलों की समीक्षा कर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही एससी-एसटी से संबंधित प्रकरणों का निर्धारित समयावधि में निस्तारण करने तथा पीड़ितों को सहायता राशि का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया।
छात्रावासों की सुविधाओं का नियमित निरीक्षण करने, विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान करने तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों की भूमि पर अवैध कब्जों को हटाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।