
बीकानेर। श्री ज्योत भारती जी के धूणा, शिवबाड़ी, बीकानेर में चल रही श्री शिव महापुराण कथा के चौथे दिवस कथा वाचक संतोष सागर जी महाराज ने भगवान शिव और माता पार्वती से जुड़े विभिन्न भावपूर्ण एवं धार्मिक प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भक्तिभाव से कथा का श्रवण किया। इस अवसर पर सादुल सिंह एवं उनकी पत्नी यजमान के रूप में कथा में उपस्थित रहे।
कथा के चौथे दिवस माता पार्वती की विदाई का मार्मिक प्रसंग सुनाया गया। कथा वाचक संतोष सागर जी महाराज ने प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए माता पार्वती के जीवन से जुड़े प्रसंगों और भगवान शिव के साथ उनके विवाह एवं विदाई की कथा श्रद्धालुओं के समक्ष रखी। माता पार्वती की विदाई के प्रसंग के दौरान कथा स्थल पर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
इसके बाद महाराज ने भगवान कार्तिकेय एवं भगवान गणेश जी के अवतार से जुड़े प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया। भगवान गणेश के जन्म एवं उनकी महिमा का वर्णन करते हुए महाराज ने सनातन परंपरा में गणेश जी के विशेष महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भगवान गणेश को प्रथम पूज्य देव माना जाता है और किसी भी शुभ कार्य से पहले उनकी पूजा-अर्चना करने की परंपरा सनातन संस्कृति में सदियों से चली आ रही है।
कथा के दौरान भगवान कार्तिकेय के अवतार से जुड़े प्रसंग का भी विस्तार से वर्णन किया गया। कथा वाचक ने भगवान कार्तिकेय के स्वरूप, उनके तेज एवं धर्म की स्थापना से जुड़े प्रसंग श्रद्धालुओं को सुनाए। भगवान शिव के दोनों पुत्रों के अवतार की कथा सुनकर श्रद्धालु भक्तिभाव में डूब गए।
तुलसी मैया की महिमा का किया वर्णन
श्री शिव महापुराण कथा में तुलसी मैया की महिमा एवं उनसे जुड़े धार्मिक प्रसंगों का भी वर्णन किया गया। संतोष सागर जी महाराज ने सनातन परंपरा में तुलसी के धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व को बताते हुए श्रद्धालुओं को तुलसी पूजन की महत्ता समझाई।
उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति में तुलसी को विशेष पवित्र एवं पूजनीय माना गया है। घर-घर में तुलसी का पौधा लगाने और उसकी पूजा करने की परंपरा हमारी धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
जयकारों से गूंजा कथा स्थल
कथा के दौरान भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश एवं भगवान कार्तिकेय के जयकारों से पूरा कथा स्थल भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण करने के साथ भक्ति भाव से जयकारे लगाए। कथा स्थल पर आध्यात्मिक एवं भक्तिमय वातावरण बना रहा।
इस अवसर पर समाजसेवी नित्यानंद पारीक, उद्योगपति माधो सिंह जी, मनोज जोशी, शिव भेरू, राजू कुमावत सहित अनेक श्रद्धालुओं एवं गणमान्यजनों ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। आयोजन में सेवा कार्य से जुड़े लोगों ने श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं में सहयोग किया।
कथा के अंत में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव एवं माता पार्वती से परिवार की सुख-शांति, समृद्धि एवं मंगल की कामना की। आयोजकों ने बताया कि कथा के आगामी दिनों में भी भगवान शिव से जुड़े विभिन्न पौराणिक एवं धार्मिक प्रसंगों का विस्तार से श्रवण कराया जाएगा।
— नित्यानंद पारीक, समाजसेवी