
बीकानेर, 13 मई। राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि ग्राम पंचायतों को कैसे स्वावलंबी बनाया जाए, कैसे उनके आय के स्रोत विकसित किए जाएं व खर्चे कैसे कम करें, इस दिशा में अधिकारीगण कार्य करें। अधिकारीगण ग्राम पंचायतों की इनकम बढ़ाने को लेकर सरपंचों को भी मोटिवेट करें। साथ ही कहा कि जब तक ग्राम पंचायतों के आय के स्रोत विकसित नहीं करेंगे भविष्य में इन्हें चला नहीं पाएंगे।
श्री चतुर्वेदी बुधवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में बीकानेर संभाग की पंचायतीराज संस्थाओं के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ले रहे थे। बैठक में बीकानेर पश्चिम विधायक श्री जेठा नंद व्यास, श्रीमती सुमन छाजेड़, संभागीय आयुक्त श्री विश्राम मीणा, सप्तम वित्त आयोग के सदस्य सचिव श्री नरेश कुमार ठकराल, सलाहकार श्री हृदयेश कुमार जुनेजा, अतिरिक्त संभागीय आयुक्त जसवंत सिंह, कोषाधिकारी श्री धीरज जोशी समेत बीकानेर संभाग की जिला परिषदों के सभी मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी और विकास अधिकारी उपस्थित रहे।
श्री चतुर्वेदी ने कहा कि ग्राम पंचायतों में अनटच जगहों को अगर डेवलप करेंगे तो इससे इको टूरिज्म भी बढ़ेगा और जगह भी विकसित हो जाएगी। उन्होंने कहा कि बैठक में सभी सीईओ और बीडीओ ने सुझाव दिए हैं उन पर अमल करते हुए पंचायती राज संस्थाओं के वित्तीय प्रबंधन को और अच्छा करने का प्रयास किया जाएगा। भविष्य में भी वित्त आयोग के पोर्टल पर ऑनलाइन सुझाव दिए जा सकते हैं।
श्री चतुर्वेदी ने कहा कि फलोदी तहसील की ग्राम पंचायत बांसवाड़ा नगर में जिस प्रकार एक युवा सरपंच श्री मांगीलाल सारण ने ग्राम पंचायत परिसर में ही मिनी सचिवालय, पीएचसी, सहकारिता कार्यालय का विकास कर रखा है और उसी के अनुरूप पूरे गांव का भी विकास कर रखा है वह अनुकरणीय है। मौका मिले तो अधिकारीगण उस ग्राम पंचायत का विजिट जरूर करें।
इससे पूर्व संभागीय आयुक्त श्री विश्राम मीणा ने राज्य वित्त आयोग सप्तक की संभागीय बैठक में आगामी कार्ययोजना के बारे में जानकारी दी। सप्तम वित्त आयोग के सदस्य सचिव श्री नरेश कुमार ठकराल ने सप्तम वित्त आयोग की संरचना एवं कार्यविधि के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए छठे राज्य वित्त आयोग की अनुशंसाओं की पालना व क्रियान्विति की स्थिति,वित्त आयोग को सौंपे गए कार्य, पंचायती राज संस्थाओं द्वारा आयोग की प्रश्नावलियों से संबंधित सूचना, प्रश्नावली के मुख्य बिंदु व पंचायती राज संस्थाओं से अपेक्षा को लेकर विस्तृत जानकारी दी।
बैठक में पंचायती राज संस्थाओं को और सुदृढ़ करने को लेकर सुझाव मांगने पर जिला परिषद सीईओ बीकानेर श्रीमती शैलजा पांडेय, श्रीगंगानगर सीईओ श्री गिरधर, सीईओ चूरू श्रीमती श्वेता कोचर और हनुमानगढ़ सीईओ श्री ओम प्रकाश बिश्नोई और सभी विकास अधिकारियों ने महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। बैठक के आखिर में अतिरिक्त संभागीय आयुक्त श्री जसवंत सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।