
बीकानेर। बीकानेर के जेएनवीसी थाना पुलिस ने 20 लाख रुपये से अधिक की ठगी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पति-पत्नी को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर परिवादी और उसके परिवार का विश्वास जीतकर 20 लाख रुपये नकद तथा 4 लाख रुपये मूल्य के आभूषणों की ठगी करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, आरोपी भारतवर्ष के अलग-अलग राज्यों में भी इसी तरह की ठगी की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं।
विश्वास में लेकर की लाखों की ठगी
पुलिस के अनुसार, परिवादी नवीन कुमार चौहान ने रिपोर्ट दर्ज करवाई कि 26 मार्च 2025 को रोहित बाजपेयी और उसकी पत्नी अन्नू बाजपेयी ने सुनियोजित तरीके से उसके और उसके परिवार का विश्वास जीतकर आर्थिक धोखाधड़ी की। आरोपियों ने 20 लाख रुपये नकद और करीब 4 लाख रुपये मूल्य के आभूषणों की ठगी की। मामले की रिपोर्ट पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
सीतापुर जेल पहुंचकर किया गिरफ्तार
पुलिस महानिरीक्षक बीकानेर रेंज ओमप्रकाश आईपीएस के निर्देशानुसार, जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चक्रवर्ती सिंह राठौड़ और वृत्ताधिकारी आकांक्षा कुमारी के निकट सुपरविजन में जेएनवीसी थानाधिकारी देवेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने विभिन्न स्रोतों से जानकारी जुटाई तो सामने आया कि आरोपियों ने अन्य राज्यों में भी इसी प्रकार की वारदातों को अंजाम दिया है। जांच के दौरान उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के कोतवाली नगर थाने में दर्ज प्रकरण संख्या 271/2026 में भी आरोपी रोहित बाजपेयी और अन्नू बाजपेयी की संलिप्तता सामने आई।
इसके बाद जांच अधिकारी जयप्रकाश उपनिरीक्षक पुलिस टीम के साथ सीतापुर, उत्तर प्रदेश पहुंचे और जेल में निरुद्ध दोनों आरोपियों को प्रकरण में अनुसंधान के लिए प्राप्त किया। पूछताछ और अनुसंधान में जुर्म प्रमाणित पाए जाने पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।
गिरफ्तार आरोपी
1. रोहित बाजपेयी (44) पुत्र दिनेश चंद्र बाजपेयी, निवासी मोहल्ला यूसुफपुर, भगवान मकरंद नगर, थाना कोतवाली नगर, जिला कन्नौज, उत्तर प्रदेश।
2. अन्नू बाजपेयी (44) पत्नी रोहित बाजपेयी, पुत्री केशवराज पौडेल, निवासी मोहल्ला यूसुफपुर, भगवान मकरंद नगर, थाना कोतवाली नगर, जिला कन्नौज, उत्तर प्रदेश।
पुलिस टीम में ये रहे शामिल
कार्रवाई करने वाली टीम में जेएनवीसी थानाधिकारी देवेंद्र सिंह, उपनिरीक्षक जयप्रकाश, कांस्टेबल पुष्कराज (1057), महिला कांस्टेबल अर्चना (1057) और महिला कांस्टेबल अनुराधा (394) शामिल रहीं।