बीकानेर। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों से स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन मिलने के साथ युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हो सकते हैं। यह बात बीकानेर जिला उद्योग संघ के सचिव वीरेन्द्र किराडू ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित राष्ट्रीय उद्योग संघ सम्मेलन में भागीदारी के दौरान कही।
सिडबी (SIDBI) की ओर से आयोजित इस सम्मेलन में बीकानेर जिला उद्योग संघ का प्रतिनिधित्व सचिव वीरेन्द्र किराडू एवं विनीत पुरोहित ने किया। सम्मेलन में एमएसएमई क्षेत्र के विकास, उद्यमियों को प्रोत्साहन, कौशल विकास, स्वरोजगार को बढ़ावा देने तथा रोजगार के नए अवसर सृजित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। इस दौरान दीया एप का उद्घाटन भी किया गया।
सम्मेलन में भारत सरकार की ओर से एमएसएमई उद्योगों के विकास, नए उद्यम स्थापित करने, युवाओं को कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध करवाने तथा उद्यमियों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही योजनाओं का लाभ अधिकाधिक उद्यमियों तक पहुंचाने और औद्योगिक गतिविधियों को गति देने पर जोर दिया गया।
वीरेन्द्र किराडू ने कहा कि राष्ट्रीय उद्योग संघ सम्मेलन में सहभागिता बीकानेर के उद्यमियों के लिए उपयोगी साबित होगी। ऐसे आयोजनों के माध्यम से केंद्र सरकार की योजनाओं, औद्योगिक विकास की संभावनाओं और रोजगारपरक कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र को प्रोत्साहन मिलने से स्थानीय व्यापार एवं उद्योगों का विस्तार होगा और युवाओं को नए अवसर मिल सकेंगे।
उन्होंने बताया कि बीकानेर जिला उद्योग संघ का प्रयास रहेगा कि सम्मेलन में प्राप्त जानकारी को स्थानीय व्यापारियों एवं उद्यमियों के साथ साझा किया जाए, ताकि वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें। इससे बीकानेर के औद्योगिक विकास को गति मिलने के साथ रोजगार सृजन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
