
बीकानेर। विश्व कल्याण व विश्व में सुख शांति और समृद्धि के लिये जैसलमेर जिले के पोकरण के ऐतिहासिक रामदेवसर तालाब पर स्थित प्रसिद्ध मार्कण्डेश्वर महादेव मंदिर में श्रावण के तीसरे सोमवार 17 अगस्त को अति महारुद्राभिषेक का आयोजन किया जाएगा तथा हरिद्वार से विशेष रूप से मंगवाए गए गंगा के जल से 1500 से अधिक पंडि़त अभिषेक मंत्रोचारण के साथ अभिषेक करेंगे।
आयोजन से जुड़े पं राजेन्द्र किराडू ने पत्रकाराें काे बताया कि अति महारूद्राभिषेक में बीकानेर के सात सौ से ज्यादा पंडि़त भागीदारी निभाएंगे। ये विद्धान 15 बसों के द्वारा 16 अगस्त को रामदेवरा पहुंचेगें। जहां इन्हें जाट धर्मशाला में रहने की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम के पोस्टर का विमाेचन बुधवार को श्रीधर महाराज के कर कमलों से किया गया। इस मौके पर अति महारुद्राभिषेक का महत्व बताते हुए महाराज श्री ने कहा कि भगवान शिव की प्रसन्नता और लोक कल्याण के लिए किया जाने वाला एक अत्यंत शक्ति शाली और विस्तृत वैदिक अनुष्ठान है। इसमें 11 बार’महारुद्र’ की आवृत्ति की जाती है, जिससे कुल 14,641 बार मंत्रों का जाप, रुद्राभिषेक और हवन किया जाता है। रूद्राष्टाध्यायी के मंत्रोच्चार के साथ शिवलिंग पर दूध, दही, शहद, घी, पंचामृत और सुगंधित द्रव्यों से लगातार अभिषेक किया जाता है।इसका मुख्य उद्देश्य महादेव की कृपा प्राप्त करके पापों का नाश करना और जीवन में सुख-समृद्धि लाना है।
मुख्य यजमान नरेन्द्र गांधी ने बताया कि श्रावण माह के तीसरे सोमवार को महारुद्राभिषेक के लिए विशेष रूप से हरिद्वार से टैंकर भरकर गंगाजल मंगवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि करीब 20 हजार लीटर गंगाजल 16 अगस्त सुबह पोकरण पहुंचेगा। मार्कण्डेश्वर महादेव मंदिर में शिवलिंग पर इसी गंगाजल से 1008 घड़े भरकर अभिषेक किया जाएगा। इसके अलावा गन्ने के रस, पंचामृत, घी, दूध से भी भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस महारुद्राभिषेक में पोकरण के साथ बीकानेर, फलोदी, नागौर, जोधपुर, जैसलमेर व अन्य जगहों से रूद्रीपाठियों को बुलाया गया है, जो यजुर्वेद मंत्रोच्चार के साथ रुद्राभिषेक करेंगे। इस अवसर पर मनीष पुराेहित, गायत्रीप्रसाद, यज्ञप्रसाद, पं. अशाेक बिस्सा सहित अनेक माैजूद रहे।