बीकानेर, 30 अक्टूबर। राजस्थान पशुचिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, बीकानेर में शुक्रवार को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त हस्तांतरण कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया गया। विश्वविद्यालय के फैकल्टी हाउस में आयोजित इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिकारियों, संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम को लाइव देखा और सुना।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास ने कहा कि पशुपालन के क्षेत्र में चक्रित अर्थव्यवस्था (सर्कुलर इकोनॉमी) को अपनाकर पशुपालकों की आय में निरंतर वृद्धि की जा सकती है। पशुपालन को केवल दुग्ध उत्पादन तक सीमित न रखकर गोबर, गोमूत्र एवं अन्य पशु अपशिष्ट का तकनीकी माध्यमों से खाद और ऊर्जा उत्पादन में उपयोग किया जाना चाहिए। इससे अतिरिक्त आय के अवसर विकसित होने के साथ संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव है।
डॉ. व्यास ने बायोगैस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसके उपयोग से ईंधन की बचत होती है, पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है तथा विदेशी मुद्रा की बचत में भी योगदान मिलता है। उन्होंने विद्यार्थियों को पशुपालन में आधुनिक तकनीकों और नवाचारों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के लाइव प्रसारण में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गुजरात के बनासकांठा जिले से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी करने का कार्यक्रम दिखाया गया। इस दौरान देश के 9 करोड़ 34 लाख से अधिक पात्र किसानों के खातों में 18,690 करोड़ रुपये से अधिक की सम्मान राशि हस्तांतरित की गई।
इस अवसर पर निदेशक प्रसार शिक्षा प्रो. राजेश कुमार धूड़िया सहित विश्वविद्यालय के फैकल्टी सदस्य एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
