बीकानेर। केंद्रीय कानून मंत्री श्री अर्जुनराम मेघवाल ने आज भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस सहित विपक्षी दल जनादेश का अपमान कर संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं, जो लोकतंत्र पर प्रहार है।
मेघवाल ने कहा कि भाजपा द्वारा 22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक चलाए जा रहे “लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान” का उद्देश्य कांग्रेस के दुष्प्रचार को जनता के सामने उजागर करना है।
उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का समर्थन करते हुए कहा कि मतदाता सूचियों को शुद्ध एवं पारदर्शी बनाना आवश्यक है। मृत, स्थान बदल चुके तथा एक से अधिक स्थानों पर दर्ज मतदाताओं के नामों की पहचान इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि SIR कोई नई प्रक्रिया नहीं है, देश में पहले भी 12 बार यह प्रक्रिया हो चुकी है, जिनमें 10 बार कांग्रेस की सरकार थी। इस प्रक्रिया में 2.80 करोड़ मृत मतदाताओं, 6.3 करोड़ स्थान बदल चुके मतदाताओं तथा एक करोड़ दोहरे नामों की पहचान की गई है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची तैयार करने में BLO और राजनीतिक दलों के BLA की भागीदारी रहती है तथा नाम जोड़ने और हटाने के लिए विधिसम्मत प्रक्रिया एवं अपील का प्रावधान है। उन्होंने कांग्रेस पर चुनाव में हार के बाद चुनाव आयोग और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। साथ ही आपातकाल का जिक्र करते हुए कहा कि 25 जून 1975 को देश में आपातकाल लगाकर नागरिक स्वतंत्रता और प्रेस की आजादी पर प्रतिबंध लगाए गए थे। उन्होंने कांग्रेस को अपने इतिहास पर आत्ममंथन करने की सलाह दी। मेघवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत रक्षा, अंतरिक्ष और तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है। चंद्रयान, मंगलयान, सूर्य मिशन और ऑपरेशन सिंदूर भारत की बढ़ती शक्ति एवं सामर्थ्य के प्रतीक हैं। अर्जुनराम मेघवाल ने कांग्रेस से सवाल किया कि क्या वह मृत मतदाताओं और विदेशी घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची में बने रहने देना चाहती है? उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर निराधार आरोप लगाकर देश में अराजकता फैलाना उचित नहीं है।
आज की प्रेस वार्ता में भाजपा देहात जिलाध्यक्ष श्याम पंचारिया, शहर जिलाध्यक्ष सुमन छाजेड़, जिला प्रभारी महावीर सैनी, राजन तनेजा, जिला मीडिया संयोजक मनीष सोनी एवं कमल गहलोत उपस्थित रहे।
