बैंकिंग से बिजनेस तक, बेटियों को सिखाया आर्थिक आजादी का रास्ता; डूंगर कॉलेज में वित्तीय जागरूकता की अनूठी पहल

बीकानेर। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और वित्तीय निर्णय लेने के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से राजकीय डूंगर महाविद्यालय, बीकानेर के महिला प्रकोष्ठ के तत्वावधान में शुक्रवार को ‘Economic Independence for Girls : Know Your Options’ विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया।

 

कार्यक्रम के प्रारंभ में महिला प्रकोष्ठ संयोजक प्रो. सोनू शिवा ने अतिथियों का स्वागत किया। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. आर.के. पुरोहित ने मुख्य वक्ता एवं एसबीआई की सादुलगंज शाखा प्रबंधक श्रीमती स्निग्धा सिंह का मोमेंटो भेंट कर अभिनंदन किया।

 

प्राचार्य प्रो. पुरोहित ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं का आर्थिक रूप से स्वतंत्र होना सशक्तिकरण की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने छात्राओं से बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ने, बैंक जाने के संकोच और भय को दूर करने तथा अपने आर्थिक निर्णय स्वयं लेने की क्षमता विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बेटियों को आर्थिक मामलों में किसी अन्य पर निर्भर रहने के बजाय आत्मनिर्भर बनना चाहिए।

 

मुख्य वक्ता स्निग्धा सिंह ने अपनी जीवन यात्रा के अनुभव साझा करते हुए छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने छोटे स्तर पर स्वरोजगार एवं उद्यम शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, पीएमईजीपी एवं मुख्यमंत्री नारी समृद्धि योजना सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक गतिविधियां शुरू करने के अवसरों पर भी प्रकाश डाला।

 

उन्होंने बैंकिंग क्षेत्र में बचत एवं निवेश के विभिन्न विकल्पों जैसे फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी), रिकरिंग डिपॉजिट (आरडी), एसआईपी और म्यूचुअल फंड के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके अलावा छात्राओं को ऑनलाइन फ्रॉड, साइबर ठगी और डिजिटल बैंकिंग से जुड़े जोखिमों के प्रति सतर्क रहने के उपाय भी बताए।

 

व्याख्यान के दौरान छात्राओं ने बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं से संबंधित सवाल पूछे। मुख्य वक्ता ने उनके सवालों के जवाब देकर मोबाइल बैंकिंग और ऑनलाइन बैंकिंग को लेकर व्याप्त भ्रांतियों को दूर किया।

 

कार्यक्रम का संचालन सहायक आचार्य डॉ. इला चारण ने किया तथा मुख्य वक्ता का परिचय सहायक आचार्य दिव्या सिंह चारण ने प्रस्तुत किया। अंत में सहायक आचार्य रजनी कंवर ने सभी का आभार व्यक्त किया।

 

इस अवसर पर प्रो. सुरुचि गुप्ता, प्रो. करबी साहा, डॉ. सुनीता गोयल, डॉ. ऊषा लामरोर, डॉ. उमा राठौड़, डॉ. अनीता गोयल, डॉ. अर्चना पुरोहित, डॉ. सुनीता मंडा, डॉ. पूनम चारण, डॉ. आरती गुर्जर, डॉ. प्रियंका खींची, डॉ. छाया शर्मा एवं डॉ. पूजा चौधरी सहित बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।

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