
बीकानेर, 5 जून। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जिला परिषद बीकानेर की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती शैलजा पांडे ने कतरियासर का दौरा कर मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के तहत संचालित जल संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्यों का अवलोकन किया।
उन्होंने विभिन्न स्थलों पर पहुंचकर किए जा रहे विकास कार्यों की प्रगति, उपयोगिता तथा ग्रामीण क्षेत्र में उनके प्रभाव की जानकारी ली।
इस दौरान मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने टांका, फार्म पॉन्ड तथा डिग्गी निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों से इन कार्यों की वर्तमान स्थिति एवं लाभार्थियों को होने वाले लाभ के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के यह कार्य ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ाने, भूजल स्तर सुधारने तथा कृषि गतिविधियों को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
श्रीमती पांडे ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल संरक्षण से जुड़े कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए तथा इनके दीर्घकालिक रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे आमजन को इनका अधिकतम लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा एक व्यापक अभियान है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उन्होंने ग्राम क्षेत्र में फलदार पौधों का पौधारोपण भी किया तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अधिकाधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण और वृक्षारोपण एक-दूसरे के पूरक हैं तथा सतत विकास के लिए दोनों आवश्यक हैं।
इस अवसर पर जलग्रहण विकास विभाग के अधीक्षण अभियंता महेश अजाड़ीवाल सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण एवं जल बचाने का संकल्प लिया।