
राज्य स्तरीय स्वाधीनता दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के मीरा बाई सभागार में भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा।
राजस्थान की समृद्ध लोक कला, संस्कृति एवं परंपराओं को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से आयोजित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में राजस्थान की विविध लोक कलाओं एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का मनोहारी संगम देखने को मिलेगा।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सायं 8.20 बजे मुख्यमंत्री महोदय के आगमन के पश्चात् कार्यक्रम में राजस्थान की पारंपरिक लोक संस्कृति की विविध छटाएं देखने को मिलेंगी। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के क्रम में मांड गायन, ‘डेजर्ट सिम्फनी बाय भूगड़ खान’, दिव्यांग छात्रों द्वारा लोक नृत्य प्रस्तुति, मयूर नृत्य तथा ‘लोक कला सन्निधि’ की विशेष प्रस्तुति प्रमुख आकर्षण रहेंगी।
‘लोक कला सन्निधि’ के अंतर्गत राजस्थान की प्रसिद्ध लोक नृत्य परंपराओं भवाई, चरी एवं घूमर की मनमोहक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से राजस्थान की लोक संस्कृति, पारंपरिक नृत्य शैलियों एवं कलाकारों की कला प्रतिभा को मंच प्रदान किया जाएगा।
कार्यक्रम में राजस्थान की लोक गायन एवं नृत्य परंपराओं के साथ-साथ प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता एवं समृद्ध विरासत की जीवंत झलक देखने को मिलेगी। दिव्यांग छात्रों द्वारा लोक नृत्य प्रस्तुति भी कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहेगी।
आमजन, पर्यटकों एवं कला-संस्कृति प्रेमियों से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर कलाकारों का उत्साहवर्धन करने तथा राजस्थान की समृद्ध लोक कला एवं सांस्कृतिक विरासत से रूबरू होने का आह्वान किया गया है।