
बीकानेर। शिवबाड़ी स्थित श्री ज्योत भारती जी के धूणे में पिछले सात दिनों से चल रही श्री शिव महापुराण कथा का श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ भव्य समापन हुआ। कथा के अंतिम दिवस कथा वाचक संतोष सागर जी महाराज ने भगवान शिव के पवित्र बारह ज्योतिर्लिंगों की महिमा एवं उनसे जुड़ी धार्मिक कथाओं का विस्तार से वर्णन किया।
महाराज श्री ने श्रद्धालुओं को बताया कि देश के विभिन्न पवित्र स्थलों पर विराजमान भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों की अपनी-अपनी विशेष महिमा एवं धार्मिक मान्यता है। कथा के दौरान सोमनाथ सहित सभी बारह ज्योतिर्लिंगों के प्राकट्य, उनकी महिमा तथा भगवान शिव की आराधना से मिलने वाले आध्यात्मिक लाभों का वर्णन किया गया। ज्योतिर्लिंगों की कथा सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
कथा के अंतिम दिवस भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुंचे। भजनों, हर-हर महादेव एवं बम-बम भोले के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण कर भगवान शिव से सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।
सात दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन में भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों, माता पार्वती, भगवान गणेश, भगवान कार्तिकेय सहित श्री शिव महापुराण के अनेक महत्वपूर्ण प्रसंगों का श्रद्धालुओं ने श्रवण किया।
समापन अवसर पर समाजसेवी नित्यानंद पारीक ने कथा वाचक संतोष सागर जी महाराज एवं आयोजन में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से सात दिनों तक सेवा एवं सहयोग देने वाले उद्योगपति माधो सिंह जी, किशन जी, शिव भैरू, राजू कुमावत, गोपाल जी, उमाराम चौधरी, सादुल सिंह एवं वेद जी सहित समस्त सहयोगियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
अंत में कथा के विधिवत समापन के साथ कथा स्थल हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त कर आयोजन के सफल एवं शांतिपूर्ण समापन के लिए आभार व्यक्त किया।
— नित्यानंद पारीक
समाजसेवी