
बीकानेर, 08.10.2026,अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार नई दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर प्रदर्शन कर रहें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी के साथ दुर्व्यवहार, बल प्रयोग व लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को बीकानेर में जिला कांग्रेस कमेटी शहर एवं देहात के संयुक्त तत्वावधान में कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं ने बिश्नोई धर्मशाला से जिला कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला तत्पश्चात केंद्र सरकार की नीतियों और विपक्षी नेताओं के साथ किए गए व्यवहार के खिलाफ टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया गया। लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की रक्षा का लिए केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र बचाओ, संविधान बचाओ, वोट बचाओ-देश बचाओ सहित विभिन्न नारेबाजी की। सभी नेताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र की भाजपा सरकार ने सभी सीमाएं पार कर दी हैं। जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में इण्डिया ब्लॉक के सांसद निर्वाचन आयोग से जवाबदेही की मांग करने के लिए शांतिपूर्ण जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे थे, तो उन्हें रोक दिया गया और उनके साथ बलपूर्वक व्यवहार किया गया। राहुल गांधी, श्रीमती प्रियंका गांधी, हमारे वरिष्ठ नेताओं और इण्डिया ब्लॉक के सांसदों के साथ बर्बरतापूर्वक दुर्व्यवहार किया गया, उन पर लाठीचार्ज किया गया और उन्हें गंभीर रूप से घायल किया गया। लोकसभा में विपक्ष के नेता और जनता के निर्वाचित प्रतिनिधियों पर यह हमला स्वयं संविधान पर हमला है।
पूर्व कैबिनेट मंत्री गोविन्दराम मेघवाल ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को सुनना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन आज शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले निर्वाचित सांसदों व जनप्रतिनिधियों को रोकना और उनके साथ बलपूर्वक व्यवहार करना, लाठी चार्ज करना, लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है व संविधान पर सीधा हमला हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सहित विपक्षी दलो के नेताओं को डराया या दबाया नहीं जा सकता। कांग्रेस का संघर्ष किसी व्यक्ति या सत्ता के लिए नहीं, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और देश के प्रत्येक नागरिक के वोट के अधिकार की रक्षा के लिए है। जब तक लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं होती, कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।
देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि लोकतंत्र में सवालों का जवाब देने के बजाय लाठियों से आवाज दबाना भाजपा सरकार की हताशा और तानाशाही मानसिकता का परिचायक है। चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद हैं और यदि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं तो सरकार और निर्वाचन आयोग को जवाब देना चाहिए, विपक्षी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं पर पुलिस की लाठियां नहीं चलानी चाहिए। सियाग ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि भाजपा सरकार शायद यह भूल गई है कि लोकतंत्र में सत्ता जनता देती है और जनता ही सवाल पूछने का अधिकार भी रखती है। सवाल पूछने वालों को डराने के लिए लाठी चलाना किसी सरकार की ताकत नहीं, बल्कि उसकी कमजोरी का प्रमाण है। लोकतंत्र में आवाज दबाने से सवाल खत्म नहीं होते, बल्कि सवाल और ज्यादा मजबूत होकर जनता के बीच पहुंचते हैं। विपक्ष द्वारा निर्वाचन आयोग से जवाबदेही मांगना संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित देश के निर्वाचित सांसदों की आवाज को बलपूर्वक रोकने का प्रयास सिर्फ विपक्ष की आवाज दबाना नहीं, बल्कि देश के करोड़ों मतदाताओं की आवाज का अपमान है।
नगर निगम महापौर अनिल कल्ला ने कहा कि भाजपा सरकार को यह समझ लेना चाहिए कि कांग्रेस के जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ता लाठियों से डरने वाले नहीं हैं। सरकार चाहे जितनी लाठियां चलवा ले, लोकतंत्र और संविधान की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता गांव से लेकर दिल्ली तक संविधान, लोकतंत्र और मतदाता के अधिकारों की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि जिस सरकार को अपने काम पर भरोसा होता है, वह सवालों के जवाब देती है; जिसे अपने कारनामों का डर होता है, वह सवाल पूछने वालों पर लाठियां चलवाती है। भाजपा सरकार को सत्ता के अहंकार से बाहर निकलकर लोकतांत्रिक मर्यादाओं का सम्मान करना चाहिए।
पूर्व जिलाध्यक्ष यशपाल गहलोत ने कहा कि भाजपा सरकार के शासन में लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और विपक्ष की आवाज को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह आंदोलन लोकतंत्र बचाने का आंदोलन है। उन्होंने कहा जनता के वोट की ताकत से चुने गए जनप्रतिनिधियों को अपनी बात रखने से रोकना लोकतंत्र का अपमान व संविधान की अवहेलना है। कांग्रेस संसद से लेकर सड़क तक जनता के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी।
जिला कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव प्रहलाद सिंह मार्शल ने कहा कि विरोध प्रदर्शन में गजेन्द्रसिंह सांखला, जियाउर रहमान, डॉ. प्रीति मेघवाल, शशिकला राठौड़, सतू खान पडिहार, श्रीकृष्ण गोदारा, करणीसिंह राजपुरोहित, ओमप्रकाश लोहिया, केदारमल कठातला, हजारीमल देवड़ा, गणपतराम सीगड, शहजाद भुट्टा, आनन्दसिंह सोढ़ा, गुमानाराम जाखड़, बेनजीर बानो, रिछपाल सीगड़, वन्दना गुप्ता, लक्ष्मी गुप्ता, शर्मिला पंचारिया, अर्जुनराम कूकणा, स्वरूपचन्द गहलोत, एड. लेखराम धतरवाल, अम्बाराम इणखिया, जयकिशन गहलोत, धनसुख आचार्य, कर्नल शिशुपाल सिंह, पार्षद बाबुलाल जल, जय प्रकाश, राहुल जादुसंगत, दुर्गादास छंगाणी, मनोज किराडु, पृथ्वीचन्द, अनिस अली, पवन कुमार, जावेद खान, सुभाष स्वामी, शलीन खां, प्रेमकुमार दैया, मदन सियाग, असगर अली, विनय कुमार आचार्य, एड. कमल साध, हेतराम, युनिस अली, रामनाथ आचार्य, धर्मवीर नाहटा, विकास धरट, जय प्रकाश, अर्जुनराम, अश्वनी मिढ़ा, संजय गोयल, कामेश्वर प्रताप सिंह, अविनाश व्यास, गीतादेवी, अशोक प्रेमी, मुलाराम, ओमप्रकाश शर्मा, राजकुमार हटीला, एजाज पठान, कमल गोयल, मो. इस्माईल, नितिन वत्सस, ओमप्रकाश सेन, प्रेमप्रकाश सारण, रामसिंह मेघवाल, मनोहर चांवरिया, मो. फारूक, खेराज चौधरी, पन्नाराम नायक, डुंगरमल प्रजापत, दिलीप सिंह, मुरली राजपुरोहित, गोरधन डूडी, नवल पुरोहित, सरिता व्यास, भवानी शंकर, गौरीशंकर, शिव प्रकाश सारस्वत, प्रमोद सिंघल, जितेन्द्र सिंह, लाभूराम, दिनेश मीणा, नन्दलाल जावा, मनोजकुमार मूंड, सीताराम डूडी, अभिषेक सिंह शेखावत, भानुप्रताप सिंह, मनोज नागल, मुलचन्द गुर्जर, बीरबल मूण्ड, ओम जनागल, सुरेन्द्र सिंह राठौड़, कैलाश, ताहिर हसन कादरी, कन्हैयालाल शर्मा, रविन्द्र पंडित, मुंशीलाल, अशोक बौद्ध सहित अनेक कांग्रेसजन मौजूद रहें।