
बीकानेर। विद्यार्थियों की प्रतिभा को नई उड़ान देने, नवाचार की सोच विकसित करने और भविष्य के करियर विकल्पों से रूबरू कराने के उद्देश्य से श्री जैन पब्लिक स्कूल, बीकानेर में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई), अजमेर रीजन के तत्वावधान में सत्र 2026-27 के अंतर्गत क्षेत्रीय कौशल प्रदर्शनी एवं मार्गदर्शन महोत्सव (रीजनल स्किल एक्सपो एवं गाइडेंस फेस्टिवल) का भव्य आयोजन किया गया। महोत्सव में लगभग 21 विद्यालयों के विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर आधारित नवाचारी मॉडल, कौशल-आधारित परियोजनाएं और रचनात्मक प्रस्तुतियां देकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। आयोजन में कौशल विकास, तकनीकी नवाचार, व्यावहारिक शिक्षा और भविष्य के रोजगार अवसरों पर विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन, मां शारदे की वंदना एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ। सीबीएसई, नई दिल्ली के कौशल शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक श्री सतीश पहल ने वर्चुअल माध्यम से प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों के लिए किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक कौशल विकसित करना भी आवश्यक है। कौशल आधारित शिक्षा विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाशीलता, रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच को वास्तविक परियोजनाओं के माध्यम से प्रस्तुत करने का अवसर देती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को नई तकनीकों को समझने, नवाचार के प्रति रुचि विकसित करने तथा बदलती शैक्षिक और व्यावसायिक आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने के लिए प्रेरित किया।
एआई, तकनीक और पर्यावरण संरक्षण पर विशेषज्ञों ने किया मार्गदर्शन
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), बीकानेर के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. धुरेन्द्र सिंह ने विद्यार्थियों के मॉडलों का अवलोकन कर उनकी रचनात्मकता की सराहना की। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और तकनीकी विकास के दौर में विद्यार्थियों को जिज्ञासु बने रहने, वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने और समस्याओं के व्यावहारिक समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया।
महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर के पर्यावरण विज्ञान विभाग के संकायाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार छंगाणी ने पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के सदुपयोग और सतत विकास के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से पर्यावरणीय चुनौतियों को समझने और उनके समाधान में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से विद्यार्थियों को अपनी परियोजनाओं की उपयोगिता समझने और उनके सामाजिक एवं पर्यावरणीय प्रभावों पर विचार करने का अवसर मिला।
करियर मार्गदर्शन सत्र में खुले भविष्य के नए रास्ते
महोत्सव का प्रमुख आकर्षण करियर मार्गदर्शन सत्र रहा। लाइफोलॉजी फाउंडेशन, त्रिवेंद्रम के उपाध्यक्ष श्री राहुल नायर ने वर्चुअल माध्यम से विद्यार्थियों को करियर चयन के संबंध में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य का चयन करते समय विद्यार्थियों को अपनी रुचि, योग्यता, क्षमताओं और लक्ष्यों को समझना चाहिए।
मीडिया एवं मनोरंजन कौशल परिषद (एमईएससी) के अकादमिक प्रमुख श्री अभिषेक सोनी ने मीडिया एवं मनोरंजन उद्योग में उपलब्ध करियर विकल्पों और उभरती संभावनाओं की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी रुचि के अनुरूप कौशल विकसित करने और नए व्यावसायिक क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों को पहचानने के लिए प्रेरित किया।
सात प्रमुख क्षेत्रों में दिखा विद्यार्थियों का हुनर
कौशल प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने उद्यमिता एवं वित्तीय साक्षरता, पर्यावरण एवं सतत विकास, स्वास्थ्य एवं कल्याण, पर्यटन एवं आतिथ्य, मीडिया एवं संचार, कृषि एवं ग्रामीण विकास तथा एनीमेशन, दृश्य प्रभाव, गेमिंग एवं कॉमिक्स जैसे विविध क्षेत्रों में परियोजनाएं प्रस्तुत कीं।
विद्यार्थियों ने अपने मॉडलों के माध्यम से सामाजिक समस्याओं, पर्यावरण संरक्षण, आर्थिक जागरूकता, स्वास्थ्य, कृषि विकास और तकनीकी नवाचार से जुड़े विषयों पर अपनी समझ प्रदर्शित की। प्रतिभागियों ने परियोजनाओं की कार्यप्रणाली, उपयोगिता और व्यावहारिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
प्रदर्शनी में प्रस्तुत मॉडलों ने विद्यार्थियों की वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता, तार्किक चिंतन और समस्या समाधान की क्षमता को सामने रखा। निर्णायक मंडल ने परियोजनाओं का मूल्यांकन उनकी उपयोगिता, नवाचार, रचनात्मकता और प्रस्तुतीकरण के आधार पर किया।
लगभग 21 विद्यालयों की सहभागिता से विद्यार्थियों को एक-दूसरे के विचारों और अनुभवों से सीखने का अवसर मिला। इसने विद्यार्थियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ ज्ञान और नवाचार के आदान-प्रदान का वातावरण तैयार किया।
शालाध्यक्ष ने जताया सीबीएसई का आभार
विद्यालय के शालाध्यक्ष श्री विजय कुमार कोचर ने स्वागत उद्बोधन में अतिथियों, विशेषज्ञों, शिक्षकों और प्रतिभागियों का अभिनंदन किया। उन्होंने सीबीएसई के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि श्री जैन पब्लिक स्कूल को इतने व्यापक क्षेत्रीय आयोजन की मेजबानी का अवसर मिलना गौरव की बात है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने, नए कौशल सीखने और भविष्य की संभावनाओं को समझने का अवसर प्रदान करते हैं।
विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती रूपश्री सिपानी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप कौशल आधारित एवं अनुभवात्मक शिक्षा की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनमें व्यावहारिक दक्षता, रचनात्मकता, तार्किक चिंतन और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करना भी जरूरी है।
उन्होंने सीबीएसई के कौशल निदेशक श्री विश्वजीत साहा, अजमेर क्षेत्र के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. श्याम कपूर, मुख्य अतिथि श्री सतीश पहल सहित सभी अतिथियों और विशेषज्ञों का अभिनंदन किया। विद्यालय की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती सीमा जैन ने आयोजन की सफलता पर विद्यालय परिवार को बधाई देते हुए भविष्य में भी ऐसे ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों के आयोजन की शुभकामनाएं दीं।
प्रश्नोत्तरी सत्र में विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से किया संवाद
कार्यक्रम में प्रश्नोत्तरी एवं संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर अपनी जिज्ञासाएं रखीं और विशेषज्ञों से सवाल पूछकर महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान करते हुए उन्हें विषयों की गहराई से समझ विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
इस संवादात्मक सत्र ने विद्यार्थियों को अपने विचार व्यक्त करने, प्रश्न पूछने और विशेषज्ञों के अनुभवों से सीखने का अवसर प्रदान किया।
कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य श्री जयचंद लाल डागा, श्री चम्पकमल सुराणा, श्री निर्मल पारख, श्री निर्मल धारीवाल, श्री अशोक सुराणा, श्री मयंक सिपानी, श्री महेंद्र पुगालिया, श्री तिलोक कोचर, श्री संदीप चोरड़िया, श्री राकेश कोचर, श्री किशोर बांठिया एवं श्री अजय सेठिया उपस्थित रहे।
विद्यालय के सचिव सीए माणक कोचर ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सीबीएसई, अतिथियों, विशेषज्ञों, विद्यालय प्रबंधन समिति, शिक्षकों, विद्यार्थियों और आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन विद्यार्थियों एवं शिक्षिका श्रीमती प्रीति पारीक ने किया। विद्यालय की ओर से अतिथियों और प्रतिभागियों के लिए अल्पाहार एवं भोजन की व्यवस्था की गई।
कौशल आधारित शिक्षा से भविष्य की तैयारी
सीबीएसई रीजनल स्किल एक्सपो एवं गाइडेंस फेस्टिवल विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ व्यावहारिक ज्ञान, नवाचार और करियर मार्गदर्शन से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। आयोजन ने यह संदेश दिया कि विद्यार्थियों को केवल परीक्षा के लिए तैयार करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वास्तविक जीवन की चुनौतियों का सामना करने, नए विचार विकसित करने और अपनी रुचि के अनुरूप करियर चुनने के लिए भी सक्षम बनाना आवश्यक है।
श्री जैन पब्लिक स्कूल में आयोजित इस क्षेत्रीय महोत्सव ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने, विशेषज्ञों से सीखने और भविष्य के नए अवसरों की संभावनाएं तलाशने का मंच प्रदान किया।