बीकानेर,16 अक्टूबर। राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान द्वारा प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव के मद्देनजर बीकानेर जिले के समस्त व्यापारिक, औद्योगिक एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, कारखानों, दुकानों, होटलों तथा अन्य संस्थानों के नियोजकों एवं प्रबंधकों को मतदान दिवस पर श्रमिकों एवं कर्मचारियों को सवैतनिक अवकाश प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।
श्रम आयुक्त द्वारा जारी आदेश के अनुसार लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135(ख) तथा राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम, 1994 की धारा 22 के प्रावधानों के तहत निर्वाचन में मतदान के पात्र प्रत्येक कर्मचारी एवं श्रमिक को मतदान दिवस पर सवैतनिक अवकाश दिया जाना आवश्यक है। यह प्रावधान औद्योगिक एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मचारियों के साथ आकस्मिक श्रमिकों पर भी लागू होगा।
आदेशानुसार मतदान के दिन कर्मचारियों को अवकाश देने के कारण उनके वेतन या मजदूरी में किसी प्रकार की कटौती नहीं की जा सकेगी। यदि किसी कर्मचारी को सामान्यतः उस दिन कार्य करने के कारण मजदूरी प्राप्त होती, तो अवकाश दिए जाने की स्थिति में भी उसे नियमानुसार उस दिन की मजदूरी देय होगी।
*नियमों का उल्लंघन करने पर 500 रुपए तक का जुर्माना*
मतदान दिवस पर कर्मचारियों को सवैतनिक अवकाश प्रदान करने संबंधी प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले नियोजकों के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। संबंधित प्रावधान के तहत 500 रुपए तक का जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान है।
जिला निर्वाचन अधिकारी श्री निशांत जैन ने जिले के सभी संबंधित नियोजिकों एवं प्रतिष्ठान संचालकों से अपील की है कि वह निर्वाचन संबंधी निर्देशों की पालना सुनिश्चित करें तथा सभी पात्र कर्मचारियों को मतदान के दिन अवकाश प्रदान कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी स्वतंत्रता एवं निष्पक्ष भागीदारी सुनिश्चित करें। यदि कोई नियोजक मतदान दिवस पर कर्मचारी को मतदान के अधिकार का उपयोग करने के लिए अवकाश प्रदान नहीं करता है, तो संबंधित रिटर्निंग अधिकारी अथवा जिला निर्वाचन अधिकारी को तथ्यात्मक जानकारी देकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
