
बीकानेर, 24 मई। योग प्रशिक्षण एवं प्रचार समिति के तत्वावधान में वरिष्ठ नागरिक भ्रमण पथ पर आयोजित आठ दिवसीय निशुल्क योग विज्ञान शिविर का रविवार को सम्मान समारोह एवं योग साधना के साथ समापन हुआ। कार्यक्रम में अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. पिंटू नाहटा ने कहा कि नियमित योग, संतुलित आहार एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाकर व्यक्ति लंबे समय तक स्वस्थ एवं ऊर्जावान जीवन जी सकता है। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में मधुमेह, रक्तचाप, मानसिक तनाव एवं मोटापे जैसी समस्याओं से बचाव के लिए योग सबसे प्रभावी माध्यम है।
समापन समारोह खाजूवाला विधायक डॉ. विश्वनाथ मेघवाल के मुख्य आतिथ्य, भाजपा शहर महामंत्री श्याम सिंह हाडला एवं भाजपा देहात महामंत्री तोलाराम कूकणा के विशिष्ट आतिथ्य में आयोजित हुआ। कार्यक्रम के दौरान योग साधक विनोद जोशी एवं श्रीमती दीपा मोडासिया ने शिविर में कराए गए विशेष प्राणायाम, आसनों एवं सूक्ष्म व्यायाम का अभ्यास करवाया।
डॉ पिंन्टू नाहटा ने कहा नियमित योग कर लम्बी आयु तक स्वस्थ जीवन का आनन्द ले सकते हैं, उन्होंने बताया कि योग से ह्रदय कि बीमारिया जैसे हार्ट अटेक, उक्त रक्तचाप, अधिक कॉलेस्ट्रॉल और मोटापा से निजात पाया जा सकता है, योग अपने भीतर के चिकित्सालय को सक्रिय करके विभिन्न प्रकार के रासायनिक तत्वों का स्त्राव करता है, जिससे शरीर का इंटर्नल इंवायरमेंट ऐसा बन जाता है कि वो हमें हार्ट अटेक, उक्त रक्तचाप, अधिक कॉलेस्ट्रॉल होने से बचाता है. योग एवं प्राणायाम को हमारे जीवन मे दैनिक चर्या में शामिल करना चाहिए, अतः हमें योग को दैनिक जीवन में नियमित अपनाना चाहिए.
इस अवसर पर शिविर में उत्कृष्ट योगदान देने वाले साधक तेजप्रताप सिंह एवं श्रीमती दीपा मोडासिया को शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही प्रधानमंत्री के वृक्षारोपण अभियान से प्रेरित होकर पर्यावरण संरक्षण में उल्लेखनीय कार्य करने वाले मदन मोहन छंगाणी, राजेन्द्र सिंह राठौड़, वीर सावरकर पर्यावरण समिति, सीडी सागर, राजेन्द्र शर्मा, रघुवीर लुहानिवाल, तिलक राज सुगंध, अजय खत्री, मधु खत्री, घनश्याम जोशी, हरीश बिश्नोई, हरदयाल सिंह, बलविंदर यादव, दिलीप देवड़ा, गणेश सोनी, गोपाल झा एवं भवानी शंकर सांखला सहित अनेक कार्यकर्ताओं को “पर्यावरण मित्र सम्मान” प्रदान किया गया।
मुख्य अतिथि डॉ. विश्वनाथ मेघवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से भारत की प्राचीन योग परंपरा को वैश्विक पहचान मिली है और संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में मान्यता मिलना हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि योग को जीवनचर्या में शामिल कर व्यक्ति पारिवारिक, सामाजिक एवं राष्ट्रीय दायित्वों का निर्वहन अधिक ऊर्जा एवं सकारात्मकता के साथ कर सकता है।
कार्यक्रम के अंत में तोलाराम कूकणा ने सभी अतिथियों, योग प्रशिक्षकों एवं साधकों का आभार व्यक्त किया। भारत माता के जयघोष एवं हास्यासन के साथ शिविर का समापन हुआ। समिति द्वारा नियमित योग कक्षाएं प्रतिदिन प्रातः 6 बजे से 7:30 बजे तक यथावत संचालित की जा रही हैं।