लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वालों का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता : श्री अर्जुनराम मेघवाल, केंद्रीय कानून मंत्री

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बीकानेर, 31 मई। विधिवेत्ता और लोकतंत्र सेनानी स्व. श्री ओम प्रकाश आचार्य की द्वितीय पुण्यतिथि पर शनिवार को ओझा सत्संग भवन में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई।

कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के विद्वजनों ने श्री ओमप्रकाश आचार्य के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए उन्हें लोकतांत्रिक मूल्यों का सच्चा प्रहरी बताया।

मुख्य वक्ता केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री श्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि स्व. ओम आचार्य ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।आपातकाल के दौर में लोकतंत्र को बचाने के लिए अनेक लोगों ने संघर्ष किया, जिनमें श्री ओमप्रकाश आचार्य का योगदान भी महत्वपूर्ण रहा। श्री मेघवाल ने कहा कि लोकतंत्र केवल एक शासन व्यवस्था नहीं, बल्कि नागरिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का आधार है। ऐसे में लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष और त्याग को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि ओम आचार्य संगठन को गढ़ने वाले लोग थे।

उन्होंने गांव-गांव जाकर संगठन को मजबूत किया। इसके लिए भी उन्हें सदैव याद रखा जाएगा। श्री मेघवाल के काज कि एक सफल विधिवेत्ता होने के साथ उन्होंने सामाजिक सरोकारों को भी हमेशा प्राथमिकता दी। कानून के क्षेत्र में उनकी गहरी समझ और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें विशिष्ट बनाती थी।

मुख्य अतिथि डॉ. सतीश पूनिया ने कहा कि स्व. श्री ओम आचार्य का जीवन सिद्धांतनिष्ठ राजनीति, सामाजिक सेवा और संगठन के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण था। उन्होंने कहा कि आचार्य उन व्यक्तित्वों में थे जिन्होंने अपने विचारों और मूल्यों के आधार पर समाज में विशिष्ट पहचान बनाई। संगठन को मजबूत करने और विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।

डॉ. पूनिया ने कहा कि वर्तमान दौर में जब राजनीति में मूल्यों और आदर्शों की चर्चा होती है, तब श्री ओम आचार्य जैसे व्यक्तित्व प्रेरणा के स्रोत बनकर सामने आते हैं। उन्होंने कहा कि व्यक्ति अपने पद से नहीं बल्कि अपने कार्यों और विचारों से बड़ा बनता है और आचार्य का जीवन इसका उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए ऐसे व्यक्तित्वों के जीवन से प्रेरणा लें।

कार्यक्रम में विधायक बीकानेर पूर्व विधायक सुश्री सिद्धि कुमारी, खाजूवाला विधायक डॉ. विश्वनाथ मेघवाल, बीकानेर पश्चिम विधायक श्री जेठानंद व्यास, श्रीडूंगरगढ़ विधायक श्री ताराचंद सारस्वत, पूर्व विधायक बिहारीलाल बिश्नोई, श्री रमेश इसरानी, श्री लोकेश चतुर्वेदी, श्री श्याम पंचारिया, श्रीमती सुमन छाजेड़, पण्डित जुगल किशोर ओझा पुजारी बाबा व सालासर धाम के पुजारी पण्डित लक्ष्मीनारायण पुजारी सहित अनेक वक्ताओं ने स्वर्गीय ओम आचार्य के व्यक्तित्व एवं समाज के प्रति उनके योगदान को याद किया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों ने स्वर्गीय ओम आचार्य के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। संस्थान मंत्री श्री विजय कुमार आचार्य ने स्वागत उद्बोधन देते हुए आचार्य के जीवन पर प्रकाश डाला तथा सभी अतिथियों परिचय कराया। अंत में संस्थान अध्यक्ष श्री श्रीभगवान अग्रवाल ने अध्यक्षीय उद्बोधन दिया। कार्यक्रम का संचालन बनवारीलाल शर्मा ने तथा आभार श्रीभगवान अग्रवाल ने व्यक्त किया।

ये भी रहे मौजूद

इस अवसर पर पूर्व महापौर नारायण चोपड़ा, डॉ सत्य प्रकाश आचार्य, जालम सिंह भाटी, अखिलेश प्रताप सिंह, मोहन सुराणा, एडवोकेट मुमताज अली भाटी एडवोकेट कुलदीप शर्मा, ज्योतिषाचार्य हरिनारायण व्यास मन्नासा, पंडित राजेन्द्र किराडू, महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार यशपाल आहूजा, राजकुमार किराडू, दीपक पारीक, शिवरतन अग्रवाल, संपत पारीक, हनुमान चांडक, देवकिशन चांडक देवश्री, एडवोकेट सत्य नारायण तिवाड़ी, एडवोकेट अविनाश चन्द्र व्यास, तेजकरण गहलोत, सतपाल सिंह शेखावत, महेश व्यास, राधेश्याम सेवग, रमजान अब्बासी सहित अनेक लोग मौजूद थे।

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