
बीकानेर, 15 सितम्बर। विकसित भारत–2047 के लक्ष्य को साकार करने तथा युवाओं की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित VBYLD–2027 (विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग) अभियान के तहत मंगलवार को राजकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय में राष्ट्रीय इंजीनियर्स डे के अवसर पर मंगलवार को विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के विद्यार्थियों को माय भारत पोर्टल पर पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया, कार्यक्रम की रूपरेखा तथा विकसित भारत अभियान में युवाओं की भूमिका के बारे में जानकारी दी गई।
सह संयोजक श्री गोपाल जोशी ने भारत रत्न सर एम. विश्वेश्वरैया के जीवन एवं तकनीकी क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने आधुनिक इंजीनियरिंग को भारतीय संस्कृति और राष्ट्र निर्माण की भावना से जोड़ा। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अपनी तकनीकी प्रतिभा, नवाचार और कौशल के माध्यम से विकसित भारत–2047 के निर्माण में सक्रिय योगदान दें।
संयोजक श्री प्रशांत जोशी ने माय भारत पोर्टल पर पंजीकरण की तकनीकी प्रक्रिया का प्रदर्शन करते हुए विद्यार्थियों को अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने ‘इंजीनियर्स किस प्रकार भारत को विकसित करने में योगदान कर सकते हैं’ विषय पर विद्यार्थियों को अपने विचार प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रस्तुति देने पर सुश्री चेताली पँवार को बैग भेंट कर सम्मानित किया गया।
महाविद्यालय के प्राचार्य श्री संजय जैन ने विद्यार्थियों से कहा कि विकसित भारत का सपना युवाओं के नवाचार, अनुसंधान और तकनीकी नेतृत्व से ही साकार होगा। वहीं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस विभागाध्यक्ष श्री मनोज कुड़ी ने एआई और डेटा साइंस की भूमिका पर अपने विचार रखते हुए विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकों में अग्रणी बनने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के फैकल्टी सदस्य अंकुर गोस्वामी एवं प्रीति नरुका सहित जिला प्रशासन की टीम से दीपक जोशी, रामकिशन चौधरी और हरिहर राजपुरोहित उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सहभागिता कर विकसित भारत अभियान से जुड़ने का संकल्प लिया।