
बीकानेर, 3 जून। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार प्रदेशभर में चलाए जा रहे ‘वन्दे गंगा, जल संरक्षण जन अभियान’ के तहत बुधवार को कृषि विज्ञान केन्द्र (केवीके) बीछवाल में कृषक कार्यशाला एवं गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कृषि विज्ञान केन्द्र, कृषि विभाग तथा उद्यान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
कार्यशाला में प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। इस अवसर पर किसानों को जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए जल संरक्षण शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम में निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. दीपाली धवन, कम्यूनिटी साइंस महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. वीर सिंह यादव, कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रभारी डॉ. मदनलाल तथा उद्यान विभाग के सहायक निदेशक मुकेश गहलोत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
गहलोत ने किसानों को जल की प्रत्येक बूंद के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान समय में जल संरक्षण केवल आवश्यकता ही नहीं, यह आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने किसानों से खेतों में जल के विवेकपूर्ण उपयोग, वर्षा जल संचयन तथा सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों को अपनाने का आह्वान किया।
इस दौरान खेती की नवीन तकनीकों पर भी चर्चा की गई। किसानों को ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई, मल्चिंग, फसल विविधीकरण तथा कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली कृषि पद्धतियों की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि आधुनिक तकनीकों के उपयोग से जल की बचत के साथ-साथ उत्पादन लागत कम की जा सकती है तथा किसानों की आय में भी वृद्धि संभव है।
उल्लखेनीय है कि 25 मई से 5 जून तक चल रहे इस जन अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण, जल बचत, बूंद-बूंद पानी के सदुपयोग, पौधारोपण तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति व्यापक जनजागरूकता पैदा करना है। किसानों ने जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने और अपने दैनिक जीवन तथा खेती-किसानी में पानी के विवेकपूर्ण उपयोग का संकल्प लिया।