
बीकानेर, 2 अक्टूबर 2026। आर्ष न्यास एवं वैदिक शोध संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में 3 एवं 4 अक्टूबर 2026 को बीकानेर के होटल पाणिग्रहण में दो दिवसीय राष्ट्रीय विद्वत विचार गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। गोष्ठी का मुख्य विषय “मनुस्मृति—समर्थन या विरोध कितना उचित?” रखा गया है।
आयोजकों के अनुसार गोष्ठी का उद्देश्य भारतीय समाज में मनुस्मृति को लेकर व्याप्त भ्रांतियों, अतिवाद और एकतरफा धारणाओं को दूर करते हुए निष्पक्ष एवं अकादमिक विमर्श को आगे बढ़ाना है। गोष्ठी में मनुस्मृति के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक संदर्भों पर विद्वानों द्वारा गहन विचार-मंथन किया जाएगा।
कार्यक्रम में मनुस्मृति की प्रामाणिकता, प्रक्षिप्त अंशों का प्रश्न, वर्ण व्यवस्था, आश्रम व्यवस्था, विवाह व्यवस्था, स्त्रियों के अधिकार सहित विभिन्न विषयों पर पक्ष-विपक्ष में विस्तृत चर्चा होगी। विद्वान यह भी विचार रखेंगे कि समय के साथ ग्रंथ में जोड़े गए माने जाने वाले अंशों और मूल सिद्धांतों को किस प्रकार समझा जाना चाहिए।
राष्ट्रीय स्तर की इस संगोष्ठी में डॉ. सुरेंद्र कुमार (गुरुग्राम), आचार्य रविंद्र (हमीरपुर), मुनि सत्यजित (रोजड़), डॉ. सुधीर आर्य (जेएनयू, दिल्ली), आचार्य शीतल (रोजड़), डॉ. शिवलोचन शांडिल्य (बीएयू), आचार्य हरिप्रसाद (हैदराबाद), आचार्य रविशंकर (बयाना), डॉ. दीपक आर्य (रोजड़), उत्कर्ष आर्य (कानपुर), आर्यन आचार्य (रुड़की), प्रो. शाश्वत रावत (आईआईआईटी हैदराबाद), डॉ. नंदिता सिंघी (जोधपुर), केसरमल (फलोदी) तथा डॉ. चंचल पाठक (बीकानेर) सहित अनेक विद्वान अपने विचार एवं व्याख्यान प्रस्तुत करेंगे।
दो दिवसीय आयोजन के दौरान यज्ञ, प्रवचन, परिचर्चा एवं रात्रि-संस्करण सहित विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम का आयोजन पर्यावरण पोषण यज्ञ समिति, बीकानेर के सहयोग से किया जा रहा है।
आयोजकों ने बीकानेर के गणमान्य नागरिकों, धर्मप्रेमी नागरिकों, विद्यार्थियों एवं युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस महत्वपूर्ण वैचारिक गोष्ठी का लाभ उठाने का आह्वान किया है।