
बीकानेर। राजस्थान के नोखा की मारुति उद्योग ने भारतीय कृषि उत्पादों के निर्यात क्षेत्र में एक बार फिर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धि हासिल की है। छिलके सहित मूंगफली (ग्राउंडनट इन-शेल) के भारत से सर्वाधिक निर्यात के लिए मारुति उद्योग को लगातार पांचवीं बार प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया है। यह सम्मान इंडियन ऑयलसीड्स एंड प्रोड्यूस एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (IOPEPC) की ओर से प्रदान किया गया।
बीकानेर जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया एवं सचिव वीरेंद्र किराडू ने बताया कि मारुति उद्योग नोखा के निदेशक एवं बीकानेर जिला उद्योग संघ के कार्यकारिणी सदस्य राजेश झंवर ने यह उपलब्धि हासिल कर बीकानेर जिले का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि संघ की सदस्य इकाई को मिलने वाला सम्मान पूरे जिला उद्योग संघ का सम्मान है। यह उपलब्धि क्षेत्र के उद्योगपतियों, व्यापारियों और कृषि आधारित उद्योगों के लिए प्रेरणादायक है।
थाईलैंड में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में मिला सम्मान
मारुति उद्योग को यह सम्मान 9 से 11 अक्टूबर 2026 तक थाईलैंड के खाओ लाक स्थित मैरियट रिसॉर्ट में आयोजित IGOC 2026 के अवसर पर प्रदान किया गया। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न देशों के निर्यातकों, कृषि व्यापार प्रतिनिधियों और उद्योग विशेषज्ञों ने भाग लिया। सम्मेलन में भारतीय कृषि उत्पादों की वैश्विक बाजार में भूमिका और निर्यात क्षेत्र की संभावनाओं को प्रमुखता मिली।
किसानों और कर्मचारियों की मेहनत को दिया उपलब्धि का श्रेय
मारुति उद्योग के निदेशक राजेश झंवर ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि लगातार पांचवीं बार मिला यह सम्मान किसानों, कर्मचारियों, व्यावसायिक सहयोगियों और शुभचिंतकों के अथक प्रयासों का परिणाम है। कंपनी की प्राथमिकता उच्च गुणवत्ता वाले भारतीय कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना और वैश्विक स्तर पर देश की साख को मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, पारदर्शी व्यापार नीति और किसानों के साथ मजबूत संबंधों के आधार पर कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी विश्वसनीय पहचान बनाई है। लगातार पांच वर्षों तक सम्मान प्राप्त करना कंपनी की निरंतर उत्कृष्टता, उत्पादों की गुणवत्ता और अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों के साथ मजबूत व्यावसायिक संबंधों को दर्शाता है।
नोखा का कृषि आधारित उद्योग समूह बना अंतरराष्ट्रीय पहचान का वाहक
मारुति उद्योग, मोहनलाल सत्यनारायण झंवर, नोखा समूह से संबद्ध है। इसी समूह की अन्य इकाइयां बालाजी उद्योग एवं मुरली फ्लोर मिल्स भी स्थानीय कृषि उत्पादों के निर्यात में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। इन इकाइयों के निरंतर प्रयासों से नोखा और बीकानेर क्षेत्र को कृषि एवं कृषि आधारित उद्योगों के क्षेत्र में नई पहचान मिल रही है।
स्थानीय कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में इन उद्योगों की भूमिका क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ किसानों और व्यापार जगत के लिए नए अवसर तैयार करने में भी महत्वपूर्ण है।
लगातार पांचवीं बार मिला सम्मान बना क्षेत्र के लिए गौरव
मारुति उद्योग की यह उपलब्धि न केवल कंपनी की निरंतर व्यावसायिक सफलता का प्रतीक है, बल्कि बीकानेर जिले के कृषि आधारित उद्योगों की बढ़ती क्षमता को भी रेखांकित करती है। छिलके सहित मूंगफली के सर्वाधिक निर्यात के लिए लगातार पांचवीं बार अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त करना इस बात का प्रमाण है कि गुणवत्ता, भरोसे और निरंतर प्रयासों के दम पर स्थानीय उद्योग वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर सकते हैं।
मारुति उद्योग की इस उपलब्धि से नोखा सहित पूरे बीकानेर क्षेत्र के उद्योग जगत में उत्साह का माहौल है।