
बीकानेर, 18.06.2026,जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा पीबीएम अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं के विरोध में “पीबीएम सुधारो जनआंदोलन” धरना आठवें दिन जारी रहा। आंदोलन का उद्देश्य अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाना, पीड़ित प्रसुता महिलाओं को न्याय मिलंे तथा भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना है।
आज धरना स्थल पर श्रीडूंगरगढ़ के पूर्व विधायक मंगलाराम गोदारा, भूदान आयोग के चैयरमेन लक्ष्मण कड़वासरा, आरजीपीआरएस अध्यक्ष हरिराम बाना, आनन्दसिंह सोढ़ा, गजेन्द्रसिंह सांखला, कमल कल्ला, मकसूद अहमद, भंवर कूकणा, श्रीकृष्ण गोदारा, सलिना खान, मोहनराम लीलड़ मुख्य रूप से शामिल हुए। इन नेताओं ने अपने सम्बोधन में कहा कि पीबीएम अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण चिकित्सा संस्थान की बदहाल स्थिति मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है और आम जनता के स्वास्थ्य के अधिकार को प्रभावित कर रही है। आंदोलन शुरू हुए आठ दिन के बावजूद अस्पताल व जिला प्रशासन द्वारा धरना प्रदर्शन में रखी गई मांगों पर कोई ठोस एवं प्रभावी कार्रवाई नहीं करना संवेदनहीनता दर्शाती हैं। जिससे आमजन में रोष और निराशा का माहौल बढ़ रहा है।
धरने स्थल से कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमण्डल देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग एवं शहर अध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल के नेतृत्व में जिला कलेक्टर से मिलकर पीबीएम अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं, भ्रष्टाचार, दवाईयों की कमी, प्रसुता महिलाओं की किडनी व आंखें फैल होने तथा मरीजों को हो रही परेशानियों के समाधान तथा कई दिन से चल रहे धरने के सम्बन्ध में विस्तृत चर्चा की।
कांग्रेस प्रतिनिधिमण्डल ने सीएम मूंधड़ा मेडिसिन विंग एवं जनाना (गायनिक) विंग को शीघ्र शुरू करने, अस्पताल में हुए भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कराने, सफाई व्यवस्था सुदृढ़ करने, जीवनरक्षक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा सीटी स्कैन, एमआरआई सहित अन्य जांच सुविधाओं को सुचारू रूप से संचालित करने, बंद पड़े चिकित्सा उपकरणों को चालू कराने, चिकित्सकों एवं चिकित्सा कर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, चिकित्सकीय लापरवाही से प्रभावित प्रसूता महिलाओं को न्याय दिलाने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर 25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग भी उठाई गई। साथ ही मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार और मारपीट की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने की मांग इत्यादि विषयों पर जिला कलेक्टर से चर्चा की। जिला कलेक्टर ने उपरोक्त समस्यओं पर सकारात्मक आश्वासन दिया।
प्रतिनिधिमण्डल ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो जनहित में जिला स्तर पर बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा।
प्रतिनिधिमण्डल में पूर्व मंत्री भंवरसिंह भाटी, पूर्व विधायक मंगलाराम गोदारा, भूदान बोर्ड के चैयरमेन लक्ष्मण कडवासरा, लूणकरनसर प्रत्याशी राजेन्द्र मूण्ड, पीसीसी महासचिव गजेन्द्रसिंह सांखला, पूर्व यूआईटी चैयरमेन मकसूद अहमद, संगठन महासचिव प्रहलादसिंह मार्शल, सेवादल प्रदेश उपाध्यक्ष कमल कल्ला, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष भवंर कूकणा, महिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष शशिकला राठौड़, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण गोदारा, बृजलाल गोदारा, आनन्दसिंह सोढ़ा, मदन मेघवाल, रामनिवास गोदारा, सुमित कोचर, शहजाद भूट्टो सहित अनेक पदाधिकारीगण मौजूद रहें।
जिला संगठन महासचिव प्रहलादसिंह मार्शल ने बताया कि प्रमुख नेताओं के अलावा प्रभुराम बाना, धाई बाना, भगवानाराम जाखड़, पूनमचन्द भाम्भू, शिवदान मेघवाल, शिवलाल गोदारा, रामजस कस्वां, ओमप्रकाश कस्वां, भंवरलाल सारण, मोहनराम लीलड़, गोपाल चावरियां, सुशील कुमार गोदारा, राजकुमार सेन, गोपालराम महिया, बाबूलाल डेलू, फुसाराम ज्याणी, दिनेश मीणा, रामसिंह मेघवाल, कमल गोयल, विनोद, चेननाथ, मालाराम, रामेश्वरलाल मेघवाल, असगर खां, लक्ष्मण नाथ, राधाकिशन ज्याणी, प्रभुसिंह, बीजाराम जाखड़, प्यारेलाल बाना, चरण जीत, विनय कुमार आचार्य, जगदीश शर्मा, भेराराम गोदारा, सहिराम गोदारा, दूर्गाराम गोदारा, दुलाराम गोदारा, मोहनलाल मेघवाल सहित अनेक धरने प्रदर्शन में शामिल रहें।