
बीकानेर, 14 जुलाई। राज्य सरकार ने टीबी मुक्त भारत अभियान को और अधिक प्रभावी एवं मिशन मोड में संचालित करने के निर्देश जारी किए हैं। जिला कलक्टर श्री निशांत जैन ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को अभियान के प्रत्येक पहलू की नियमित समीक्षा कर निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने निर्देश दिए है।
उन्होंने टीबी मरीजों की शीघ्र पहचान कर समय पर उपचार तथा उपचार अवधि में निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रत्येक मरीज को सरकार की ओर से मिलने वाली सुविधाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने के साथ निक्षय पोषण योजना एवं निक्षय पोषण किट का वितरण भी प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा, जिससे मरीजों को पौष्टिक आहार मिल सके और उनका उपचार सफलतापूर्वक पूरा हो सके।
अभियान के तहत समाज की सहभागिता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। इसके लिए स्वयंसेवी संस्थाओं, उद्योगों, व्यापारिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों को निक्षय मित्र के रूप में जोड़कर टीबी मरीजों को पोषण एवं अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का आह्वान किया गया है। सरकार का उद्देश्य टीबी के खिलाफ जन आंदोलन तैयार करना है, जिससे समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर तक अभियान को प्रभावी बनाने के लिए टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों के प्रमाणन अभियान में तेजी लाने, पहले से प्रमाणित पंचायतों की स्थिति बनाए रखने तथा नए क्षेत्रों को भी टीबी मुक्त बनाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए चिकित्सा विभाग, पंचायती राज विभाग, शिक्षा विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से जिला स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने, प्रगति रिपोर्ट राज्य स्तर पर भेजने तथा अभियान के प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिन जिलों में नवाचार एवं उत्कृष्ट कार्य किए जा रहे हैं, उनके सफल मॉडल का दस्तावेजीकरण कर अन्य जिलों में भी लागू करने पर बल दिया गया है।
उन्होंने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाए तथा प्रत्येक पात्र मरीज तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे। अभियान की नियमित मॉनिटरिंग, जनभागीदारी और प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से जिले को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए हैं।