मानवता की मिसाल बनी पंजाबी बिरादरी सेवा ट्रस्ट, अपना घर आश्रम में फल-चाय बांटकर चेहरों पर बिखेरी मुस्कान

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बीकानेर, 9 अक्टूबर। सेवा, समर्पण और मानवता का संदेश देते हुए पंजाबी बिरादरी सेवा ट्रस्ट (PBST) की ओर से रानी बाजार स्थित अपना घर आश्रम में अल्पाहार वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। ट्रस्ट के नेशनल अध्यक्ष श्री रामचंद्र पोपली के नेतृत्व में राजस्थान अध्यक्ष विजय मुंगिया की अगुवाई में आश्रम में निवासरत प्रभुजनों को फल-फ्रूट और चाय वितरित की गई। इस दौरान उपस्थित सदस्यों ने आश्रमवासियों के साथ समय बिताकर उनके चेहरों पर मुस्कान लाने का प्रयास किया।

 

जरूरतमंदों की सेवा ही सबसे बड़ा पुण्य : विजय मुंगिया

 

इस अवसर पर राजस्थान अध्यक्ष विजय मुंगिया ने कहा कि जरूरतमंदों की सेवा करना सबसे बड़ा पुण्य का कार्य है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी सामर्थ्य के अनुसार सेवा कार्यों में योगदान देना चाहिए। आश्रमों में अल्पाहार, भोजन और जरूरत की वस्तुओं का वितरण जैसे छोटे-छोटे प्रयास भी किसी के जीवन में खुशियां ला सकते हैं।

 

उन्होंने कहा कि सेवा आश्रम, अनाथ आश्रम, वृद्धाश्रम और अन्य जरूरतमंद स्थानों पर समय-समय पर इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। दूसरों के चेहरे पर खुशी देखकर मन को शांति और सुकून मिलता है। सेवा का वास्तविक आनंद तभी है, जब हम जरूरतमंदों के बीच पहुंचकर उनके सुख-दुख में सहभागी बनें।

 

अपना घर आश्रम में बिताए पल बने खुशियों की वजह

 

अपना घर आश्रम में विमंदित एवं निराश्रित प्रभुजन निवास करते हैं। उनके बीच पहुंचकर कुछ समय बिताना और उनकी जरूरतों का ध्यान रखना अपने आप में एक संवेदनशील मानवीय पहल है। कार्यक्रम के दौरान आश्रमवासियों को फल और चाय वितरित कर उनके साथ आत्मीयता के पल साझा किए गए।

 

विजय मुंगिया ने कहा कि इन प्रभुजनों के चेहरों पर मुस्कान देखना मन को प्रसन्नता से भर देता है। समाज के लोगों को ऐसे सेवाकार्यों से जुड़कर मानवता और संवेदनशीलता की भावना को आगे बढ़ाना चाहिए।

 

सेवा कार्य में इनकी रही सहभागिता

 

इस सेवा कार्यक्रम में किशोर मुंगिया, तनुज मुंगिया, अलका, नेहा, मंजू, भूपेंद्र और नरेंद्र उपस्थित रहे। सभी ने सेवा कार्य में सहभागिता निभाई और आश्रमवासियों के साथ समय बिताया।

 

कार्यक्रम के अंत में विजय मुंगिया ने अपना घर आश्रम के सेवादारों का आभार व्यक्त किया तथा निराश्रित प्रभुजनों की सेवा और देखभाल के लिए उनके समर्पण की सराहना की।

 

मानवता और सेवाभाव का संदेश देते इस कार्यक्रम ने यह प्रेरणा दी कि जरूरतमंदों के बीच पहुंचकर किया गया छोटा-सा प्रयास भी उनके जीवन में बड़ी खुशी ला सकता है।

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