बीकानेर। पंचायत चुनाव में निष्पक्षता और चुनाव आचार संहिता के पालन को लेकर आम आदमी पार्टी ने जिला निर्वाचन प्रशासन के समक्ष गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी के जिलाध्यक्ष मोहनसिंह राठौड़ ने कोलायत विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत कोटड़ा और नाईयों की बस्ती में कुछ सरकारी कर्मचारियों पर कथित रूप से चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने, प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार करने और अपने पद का दुरुपयोग करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
राठौड़ ने आरोप लगाया कि राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय समरदा, पूगल में पदस्थ उप प्रधानाचार्य राजेन्द्र मेघवाल ने सरकारी सेवा में रहते हुए कोटड़ा ग्राम पंचायत के सरपंच चुनाव में खुलकर भागीदारी निभाई। आरोप है कि उन्होंने अपनी रिश्तेदार सुनीता मेघवाल के चुनाव प्रचार से लेकर नामांकन और चुनावी गतिविधियों तक में सक्रिय भूमिका निभाई। यहां तक कि प्रत्याशी के चुनाव कार्यालय, पोस्टर, बैनर और प्रचार सामग्री में भी उनकी सक्रियता दिखाई दी। राठौड़ का दावा है कि इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी को शिकायत और वीडियो साक्ष्य उपलब्ध करवाए गए, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई।
मतदाता सूची में नाम जुड़वाने को लेकर भी उठाए सवाल
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सुनीता मेघवाल का नाम कोटड़ा ग्राम पंचायत की मतदाता सूची में जुड़वाने के लिए बीएलओ राजेश नायक के साथ कथित मिलीभगत की गई। राठौड़ ने इस संबंध में संबंधित दस्तावेजों और मतदाता सूची की जांच करवाने की मांग की है। उनका आरोप है कि सुनीता मेघवाल क्षेत्र की निवासी नहीं थीं और चुनाव प्रक्रिया में उनकी जगह अन्य लोग सक्रिय रहे।
बीएलओ पर दूसरी पंचायत में चुनाव प्रभावित करने का आरोप
राठौड़ ने ग्राम पंचायत चांडासर के रोजगार सहायक एवं वर्तमान बीएलओ गणेशाराम सारण की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। शिकायत के अनुसार, सारण ने अपनी निर्धारित पंचायत में ड्यूटी निभाने के बजाय नाईयों की बस्ती में एक प्रत्याशी के पक्ष में सक्रियता दिखाई तथा चुनावी कार्मिकों और मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास किया। आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए मतदाताओं पर विशेष प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने का दबाव बनाया।
रुपये और शराब बांटने के आरोप, सोशल मीडिया पर फोटो वायरल होने का दावा
शिकायतकर्ता ने दोनों सरकारी कर्मचारियों पर अपने पसंदीदा प्रत्याशियों को जिताने के लिए मतदाताओं के बीच रुपये और शराब बांटने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। राठौड़ के अनुसार, सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें राजेन्द्र मेघवाल को शराब ठेके पर बैठे हुए दिखाए जाने का दावा किया गया है। उन्होंने संबंधित तस्वीरों, वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच करवाने के साथ जरूरत पड़ने पर कॉल डिटेल की भी नियमानुसार जांच करवाने की मांग की है।
बज्जू खालसा में लगी चुनाव ड्यूटी हटवाने का भी आरोप
राठौड़ ने आरोप लगाया कि राजेन्द्र मेघवाल की द्वितीय चरण के मतदान में बज्जू खालसा में चुनाव ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन कथित प्रभाव और सांठगांठ के चलते उन्होंने अपनी ड्यूटी हटवा ली और इसके बाद चुनाव प्रचार में सक्रिय रहे। उन्होंने कहा कि यदि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होती है तो चुनाव के दौरान सरकारी पद और संसाधनों के कथित दुरुपयोग की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
आम आदमी पार्टी जिलाध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव की निष्पक्षता सर्वोपरि है। यदि सरकारी कर्मचारी ही किसी प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करेंगे और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप सामने आएंगे तो आम मतदाता का निर्वाचन व्यवस्था से विश्वास कमजोर होगा। उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी से पूर्व में दी गई शिकायतों पर कार्रवाई करने, संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका की जांच करवाने तथा दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।
