बीकानेर। दीपावली पर खुशियों के बीच पटाखों से होने वाली जरा सी लापरवाही बच्चों की आंखों की रोशनी पर जिंदगीभर का संकट खड़ा कर सकती है। इसी गंभीर समस्या को ध्यान में रखते हुए एएसजी आई हॉस्पिटल ने बच्चों की दृष्टि सुरक्षा को लेकर सराहनीय जनहित पहल की है। इसके तहत 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को पटाखों से संबंधित आंखों में चोट लगने पर निःशुल्क चिकित्सकीय परामर्श एवं आवश्यक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।
यह विशेष सुविधा 4 नवंबर से 12 नवंबर 2026 तक देशभर के सभी एएसजी आई हॉस्पिटल केंद्रों पर उपलब्ध रहेगी। इस पहल के अंतर्गत मरीजों को केवल फार्मेसी, एनेस्थीसिया और ऑप्टिकल सेवाओं का खर्च वहन करना होगा। अस्पताल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पटाखों से घायल किसी भी बच्चे को आर्थिक परेशानी के कारण समय पर उपचार से वंचित न रहना पड़े।
पटाखों की लापरवाही बन सकती है स्थायी दृष्टिहीनता का कारण
दीपावली के दौरान पटाखों से आंखों में चोट लगने के मामले गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता बने हुए हैं। जारी राष्ट्रीय आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 में देशभर में पटाखों से आंखों में चोट लगने के 2,000 से अधिक मामले सामने आए। इनमें लगभग 60 प्रतिशत मामले 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से संबंधित थे, जबकि करीब 10 प्रतिशत मामलों में स्थायी दृष्टि हानि हुई।
विशेषज्ञों के अनुसार, पटाखों से निकलने वाली चिंगारी, बारूद और विस्फोट के कण आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। कई बार मामूली दिखाई देने वाली चोट भी भविष्य में दृष्टि संबंधी बड़ी समस्या बन सकती है। इसलिए आंखों में किसी भी प्रकार की चोट लगने पर घरेलू उपचार या लापरवाही करने के बजाय तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करना जरूरी है।
सुरक्षित दिवाली के लिए अभिभावकों से विशेष अपील
एएसजी आई हॉस्पिटल की इस पहल का उद्देश्य घायल बच्चों को बेहतर उपचार उपलब्ध करवाने के साथ-साथ समाज में जागरूकता का संदेश पहुंचाना भी है। अस्पताल प्रबंधन ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों को पटाखे जलाते समय अकेला न छोड़ें, सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें और बच्चों को पटाखों से होने वाले खतरों के प्रति जागरूक करें।
अस्पताल की यह पहल त्योहार की खुशियों के साथ बच्चों की आंखों की अनमोल रोशनी सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।
