केन्द्रीय कारागृह व महिला बंदी सुधार गृह की विजिट

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बीकानेर, 26 सितंबर। उच्चतम न्यायालय के आदेश की अनुपालना में जिला एवं सेशन न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री अतुल कुमार सक्सैना की अध्यक्षता में उच्चतम न्यायालय द्वारा प्रकरण रीट पीटिशन (सिविल) सं.1404/2023 सुकन्या शांथा बनाम यूनियन ऑफ इंडिया में 3 अक्टूबर 2024 को पारित आदेश की पालना में जिला मुख्यालय पर स्थित कारागृहों में जाति आधारित भेदभाव व अन्य भेदभाव पूर्ण आचरण के चिन्हीकरण हेतु मॅाडल प्रिजन मैनुअल 2016 के तहत जिला एवम् सत्र न्यायाधीश की अध्यक्षता में बोर्ड ऑफ विजिटर्स द्वारा जिला मुख्यालय पर स्थित केन्द्रीय कारागृह व महिला बंदी सुधार गृह की विजिट की गई। विजिट के दौरान बोर्ड द्वारा कारागृहों में निरूद्व प्रत्येक बंदी को पूछा गया कि उनके साथ कारागृह में निरूद्ध साथी बंदीगण एवं कारागृह प्रशासन द्वारा जातिगत भेदभाव या अन्य सामान भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जाकर जबरन गंदे, नीच और खतरनाक काम तो नहीं सौंपें जाते है एवं उनका बहिष्कार करने के कारण उनकी संसाधनों, सेवाओं तक सीमित पहुंच तो नहीं है। विजिट के दौरान कारागृहों में निरूद्ध किसी भी बंदी ने जाहिर नहीं किया कि उसके साथ जातिगत भेदभाव या अन्य किसी भी प्रकार का भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव, जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, अधिशाषी अभियंता, जिला कल्याण अधिकारी, कृषि अधिकारी, औद्योगिक अधिकारी एवं कारागृह अधीक्षक, प्रशिक्षु न्यायिक अधिकारी तथा जेल स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।

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