
सच राजस्थान,बीकानेर, 02.12.2025। आदर्श विद्या मंदिर केशव मार्ग (घड़सीसर रोड) गंगाशहर में आयोजित होने वाली समर्थ शिशु श्रीराम कथा हेतु सुबह 10.30 बजे 121 कलश की शोभायात्रा माता – बहनों द्वारा गंगाशहर के जैन भवन से विद्या मन्दिर तक निकली गई जिसमे संकड़ो महिलाओ की उपस्थिति रही कलश यात्रा में विद्या मन्दिर के घोष के साथ संजीव झांकियाँ, कथावाचक ओजस्वी पंडित श्रीमान श्याम स्वरूप जी मनावत (उज्जैन वाले), सहित यजमान रहे
आज कथा का विषय नव दम्पति शिक्षण रहा जिसमे आदर्श दाम्पत्य जीवन पर प्रकाश बताया गया एवम नव दम्पति जोड़ो से आरती पूजन करवाया गया 3 दिसम्बर को कथा का आकर्षण मुख्य सोपान गर्भवती शिक्षण रहेगा
श्रीमान श्याम स्वरूप जी मनावत ने बताया की आने वाली पीढ़ी को संस्कारवान बनने की लिए सनातन धर्म को अपनाना होगा सनातन धर्म ही भगवान को धरती पर लाया था, भगवान शंकर के लेकर आज के विद्यालय तक सबका केंद्र बिंदु बालक ही है, बालक सही हाथो में चला जाये तो राम बन जाता है, माता की गोदी में खेलता बालक ही राम है, जो दम्पति संतान को संस्कारित कर दे वह दशरथ- कौशल्या है, आज के समय में एक पत्नी वृत्त का संकल्प अति आवश्यक है, श्रृगार का समान सोना (गोल्ड) नही बल्कि आत्म सम्मान है, भगवान श्री राम ने माता सीता का श्रृगार पुष्पों से किया था लेकिन आज का युवा धातु के मोह में पड़कर अपना दाम्पत्य जीवन को नष्ट कर रहा है, जो बिना कहे बड़ों का कार्य कर दे वह राम के समान है जो महिला बिना कहे अपने पति के कार्य कर दे वह सीता के समान है, मातृशक्ति का उपहास नही सम्मान करना चाहिए दुनिया की प्रथम इश्वर मातृशक्ति है
विद्या भारती शिक्षा संसथान जोधपुर प्रांत के प्रांत सचिव श्रीमान महेंद्र दवे द्वारा पूजन किया गया, आज के मुख्य यजमान श्रीमती रतनी देवी, जेठमल जी रामावत, रामचंद्र जी अग्रवाल रहे, आदर्श शिक्षण संस्थान के जिला सचिव मूलचंद जी कथा में आये यजमानो में विद्या भारती के अधिकारियो का परिचय करवाया एवम कथा में पधारे सभी श्रोता गण का को बताया की शहर की विभिन्न स्थानो से कथा में आने के लिए बस की सुविधा है, मंच सञ्चालन लक्ष्मी नारायण जी रामावत ने किया, माननीय टेकचंद जी बरडिया, राजकुमार जी, अमोलख राम जी ज्यानी, रामलाल जी प्रजापत, भैरुदान जी , नवीन जी सोलंकी, मूलाराम जी थालोड़, महावीर प्रसाद जी सारस्वत, हुकुमचंद जी भुवंता प्रधानाचार्य नवल किशोर, सुनील माली, अनुसुइया रामावत, सुशीला हाडा, सभी आचार्य गण उपस्थित रहे