मां के गर्भ से बड़ा कोई विश्वविद्यालय नहीं होता

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सच राजस्थान,बीकानेर 04.12.2025। छोटी काशी बीकानेर समर्थ शिशु श्री राम कथा में प्रभु का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया। भक्ति के आचार्य प्रहलाद जी ने मां के गर्भ में ही भागवत का श्रवण कर लिया था। मां के गर्भ में ही उन्हें ईश्वर भक्ति प्राप्त हो गई जिसे चाह कर भी कंस समाप्त नहीं कर पाया। क्योंकि मां की कोख में जो पढ़ा जाता है वह कभी ना तो भूला जाता है और ना ही बदला जा सकता है और न ही मिटाया जा सकता है। अर्जुन पुत्र वीर अभिमन्यु ने मां की कोख में ही चक्रव्यूह भेदन की कला सीख ली थी। उन्हें युद्ध का कौशल मां के ही गर्भ में प्राप्त हो गया था। इसलिए यह विश्वास पूर्वक कहा जा सकता है कि मां की कोख से बड़ा दुनिया का कोई विश्वविद्यालय नहीं हो सकता। जीवन की शतायु तक 9 महीने जो मां की कोख में पड़ा है उसका प्रभाव रहता है।

यह विचार अवंतिका धाम उज्जैन से पधारे मानस मर्मज्ञ पंडित श्याम जी मनावत ने व्यक्त किया। आदर्श विद्या मंदिर गंगा शहर बीकानेर में समर्थ शिशु राम कथा के तीसरे दिन पंडित श्याम जी मनावत बोल रहें थे। बडी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा लाभ लिया।

आज कथा का विषय जन्म से एक वर्ष के शिशुओं की माताओं का शिक्षण (क्षीरादावस्था) शिक्षण रहा जोड़ो से आरती पूजन करवाया गया उनका सम्मान किया गया

आज के मुख्य यजमान श्री महावीर प्रसाद जी सारस्वत रहे , श्री श्री 108 श्री अखिल भारतीय महामंडलेश्वर सरजू दास जी महाराज महंत राम झरोखा कैलाश धाम बीकानेर का सानिध्य मिला और बताया की हमें अपने आप में राम का चरित्र लाना चाहिए भगवान भक्त के आंसू अपनी आखों में ले लेते है, बच्चो को उर्जावान बनाने के लिए प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए, आदर्श शिक्षण संस्थान के जिला सचिव मूलचंद जी कथा में आये यजमानो, समाजसेवी रतन लाल जी पुगलिया, नारायण जी चोपड़ा राजेश जी चुरा, संतोष कुमार जी कोठारी, विद्या भारती के अधिकारियो का परिचय करवाया सभी श्रोता गणों का आभार व्यक्त किया, लक्ष्मण दास जी रामावत ने मंच से पूज्य संत श्री रामसुख दास जी महाराज का कीर्तन करवाया, पंडित श्याम जी मनावत ने बीकानेर को पूज्य संत श्री रामसुख दास जी महाराज की तपोभूमि बताया

प्रधानाचार्य नवल किशोर सैनी ने बताया की इस राम कथा का उद्देश्य समाज के प्रत्येक अंग को समरसता भाव देते हुए आगामी आने वाली पीढी का सर्वागिण सात्विक विकास करना है।, उत्सव प्रभारी अनुसुइया रामावत व् सुशीला हाडा ने बताया की कथा शुरू होने से पहले प्रतिदिन विद्या मन्दिर के भैया बहिनों द्वारा कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाता है उसी क्रम में आज आदर्श विद्या मन्दिर प्राथमिक के नन्हे भैया बहिनों द्वारा शिव तांडव नृत्य किया गया, मीडिया प्रभारी सुनील माली ने बताया की 5 दिसम्बर को कथा का आकर्षण मुख्य सोपान एक वर्ष से तीन वर्ष की आयु के शिशुओं की माता का शिक्षण (क्षीरादान्ना-वस्था) रहेगा

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