
बीकानेर, 7 अगस्त। श्रावण मास के पावन अवसर पर शहर के प्राचीन श्री राजरतन बिहारी मंदिर में शुक्रवार को भाटिया परिवार के तत्वावधान में पारंपरिक श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ पीली घटा के हिंडोला महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। मंदिर परिसर को पीले पुष्पों, आकर्षक सजावट एवं मनमोहक श्रृंगार से सजाया गया, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा।
यह आयोजन श्री वल्लभाचार्यजी महाराज की आज्ञा से चि. श्री विट्ठलनाथजी के सानिध्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर ठाकुर श्री राजरतन बिहारीजी को विशेष पीली घटा के हिंडोले में विराजमान कर मनोहारी श्रृंगार किया गया। ठाकुरजी के दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने हिंडोला दर्शन कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि एवं मंगलकामना की।
मंदिर में आयोजित भजन-कीर्तन एवं संकीर्तन से पूरा वातावरण कृष्णमय हो गया। श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर ठाकुरजी के जयकारे लगाते रहे। महिलाओं ने पारंपरिक मंगल गीत गाए, जबकि बच्चों और युवाओं ने भी पूरे उत्साह के साथ धार्मिक आयोजन में भाग लिया। पीली घटा की मनोहारी सजावट और हिंडोले की अलौकिक छटा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही।
आयोजन में मधु, जतिन, मनोज, नीरू, मोहित, दुर्गेश, संजय, सुनीता, मयंक, मुस्कान, नीलकमल, सरोज, लवेश सहित भाटिया परिवार के सभी सदस्य सक्रिय रूप से उपस्थित रहे। इनके साथ बड़ी संख्या में शहर के श्रद्धालुओं एवं महिलाओं ने भी आयोजन में सहभागिता कर ठाकुरजी के दर्शन किए और धार्मिक आयोजन का आनंद लिया।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने पुष्टिमार्गीय परंपरा के अनुरूप ठाकुरजी की सेवा, दर्शन एवं भक्ति का लाभ प्राप्त किया। पूरे आयोजन में अनुशासन, श्रद्धा और धार्मिक आस्था का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। मंदिर परिसर में भक्तों का उत्साह देर तक बना रहा।
कार्यक्रम के समापन पर राजकुमार भाटिया (सुदामा जी), बीकानेर ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, भाटिया परिवार के सदस्यों एवं उपस्थित भक्तजनों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना, पारिवारिक एकता एवं भारतीय संस्कृति के प्रति आस्था को सुदृढ़ करने का कार्य करते हैं।