
बीकानेर। मानसिक स्वास्थ्य के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाने, मानसिक समस्याओं को लेकर सकारात्मक सोच विकसित करने तथा स्वस्थ मानसिक जीवनशैली को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राजस्थान में 10 सितम्बर से 10 अक्टूबर 2026 तक ‘मानसिक स्वास्थ्य माह’ का आयोजन किया जा रहा है। इसी अभियान के तहत 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर बीकानेर सहित प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, राजस्थान चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से सभी जिला कलेक्टरों को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य को केवल स्वास्थ्य विभाग तक सीमित न रखते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग को इससे जोड़ना और इसे एक व्यापक जन-आंदोलन का स्वरूप प्रदान करना है।
स्कूल-कॉलेजों में होंगी रैली और जागरूकता गतिविधियां
जिले के सभी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जागरूकता रैली, सभा, संवाद कार्यक्रम एवं अन्य गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों एवं युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, तनाव प्रबंधन, सकारात्मक सोच और मानसिक परेशानियों की स्थिति में विशेषज्ञ से परामर्श लेने के प्रति जागरूक किया जाएगा।
अभियान के तहत विद्यार्थियों एवं युवाओं को डिजिटल माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य शपथ लेने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। डिजिटल टूल के माध्यम से शपथ लेने के बाद प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र डाउनलोड करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
PBM मानसिक रोग विभाग के चिकित्सकों ने दिया जागरूकता का संदेश
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस को लेकर बीकानेर के PBM अस्पताल के मानसिक रोग विभाग के चिकित्सकों की भी महत्वपूर्ण भागीदारी रही। इस अवसर पर मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और आमजन को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति संवेदनशील बनाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में डॉ. श्री गोपाल गोयल, डॉ. हरफूल सिंह बिश्नोई, डॉ. एम.डी. स्वामी, डॉ. मांगीलाल सहित मानसिक रोग विभाग के अन्य चिकित्सकगण उपस्थित रहे।
चिकित्सकों ने मानसिक स्वास्थ्य को शारीरिक स्वास्थ्य के समान ही महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि मानसिक तनाव, चिंता या अन्य मानसिक परेशानियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय रहते परिवार के सदस्यों से संवाद करने और आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेने से मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
सरकारी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी भी होंगे अभियान से शामिल
मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान को व्यापक स्वरूप देने के लिए जिले के विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी इससे जोड़ा जाएगा। अधिकाधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों को डिजिटल माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य शपथ लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
सरकार की मंशा है कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता केवल एक दिन तक सीमित न रहे, बल्कि इसके संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाया जाए। इसके लिए सरकारी विभागों, शिक्षण संस्थानों, विद्यार्थियों, युवाओं और आमजन की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
मानसिक स्वास्थ्य को लेकर खुलकर बात करने का संदेश
आज के समय में मानसिक स्वास्थ्य एक महत्वपूर्ण सामाजिक एवं स्वास्थ्य विषय बन चुका है। पढ़ाई का दबाव, काम का तनाव, बदलती जीवनशैली और विभिन्न सामाजिक परिस्थितियों के कारण लोगों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में समय रहते समस्या को पहचानना, बातचीत करना और आवश्यकता होने पर विशेषज्ञ की सहायता लेना बेहद महत्वपूर्ण है।
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाली गतिविधियों के माध्यम से आमजन को यह संदेश दिया जाएगा कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही जरूरी है। मानसिक परेशानियों को लेकर चुप रहने के बजाय उनके बारे में खुलकर बात करना और उचित चिकित्सकीय मार्गदर्शन लेना जागरूक समाज की पहचान है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से जिला प्रशासन से 10 अक्टूबर को जिले में व्यापक स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं जनभागीदारी सुनिश्चित करने की अपेक्षा की गई है। जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षण संस्थानों एवं अन्य विभागों के समन्वय से आयोजित गतिविधियों के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
डिजिटल मानसिक स्वास्थ्य शपथ के लिए लिंक
https://ihmslite.rajasthan.gov.in/manas